आरुषि निशंक
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इसके अलावा कान में आयोजित पैनल चर्चा "मेकिंग इंडिया अ ग्लोबल फिल्म पावर हाउस" में बतौर विशेष अतिथि बोलते हुए आरुषि ने कहा कि फिल्मों में भी सर्कुलर फैशन के जरिए पर्यावरण के अनुकूल सोच को बढ़ावा दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, "थ्रेड्स विद जीरो रिग्रेट (बिना पछतावे के धागे)" — यह बदलाव न सिर्फ फैशन और फिल्म उद्योग के लिए ज़रूरी है, बल्कि यह दर्शाता है कि सुंदरता और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी साथ-साथ निभाई जा सकती है।