फिल्म 'मजबूर'
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हॉलीवुड फिल्म से कॉपी थीं फिल्म की कहानी?
अमिताभ बच्चन को पता चलता है कि उनकी मृत्यु के बाद अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए जल्दी से जल्दी पैसे कमाने का एकमात्र तरीका एक हत्या की जिम्मेदारी लेना है, जिससे उन्हें पांच लाख रुपये मिलेंगे। पचास साल पहले पांच लाख एक बड़ी रकम थी। वह पैसे जुटाता है, जेल जाता है, अपना ऑपरेशन करवाता है और उसे पता चलता है कि वह बीमारी से ठीक हो गया है। अब क्या? उसे पुलिस को असली कातिल तक पहुंचाने में मदद करनी है। यह अवधारणा उस समय हिट साबित हुई। उस समय फिल्म समीक्षकों ने कहा था कि 'मजबूर' का क्लाइमेक्स अमेरिकी फिल्म ओल्ड स्वेट के क्लाइमेक्स से प्रेरित था। दोनों फिल्मों के क्लाइमेक्स में लाल रंग की कार है। कैसे नायक साबित करता है कि वह असली हत्यारा नहीं है और पुलिस को असली कातिल तक पहुंचाने में मदद करता है, यह भी दोनों फिल्मों में है।