25 Years Of Chandni Bar: साल 2001 में आई फिल्म 'चांदनी बार' का निर्देशन मधुर भंडारकर ने किया था। इस फिल्म में तब्बू के साथ अतुल कुलकर्णी, राजपाल यादव समेत कई सितारे नजर आए थे। फिल्म को रिलीज हुए अब 25 साल हो गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं इससे जुड़े अनसुने किस्से।
25 साल पहले जब हिंदी सिनेमा में बड़े सितारों, चमकदार सेट और गानों से सजी फिल्मों का दौर था। तब एक ऐसी फिल्म आई जिसने पर्दे की चमक के पीछे छिपे अंधेरे को कहानी का केंद्र बना दिया। मधुर भंडारकर की 'चांदनी बार' सिर्फ एक बार डांसर की जिंदगी की कहानी नहीं थी, बल्कि यह उस मुंबई की तस्वीर थी जहां सपनों के साथ मजबूरियां भी बिकती थीं।
28 सितंबर 2001 को रिलीज हुई यह फिल्म आज 25 साल पूरे कर चुकी है और आज भी यह अपने विषय, तब्बू के अभिनय और बेबाक प्रस्तुति के कारण याद की जाती है। चलिए अब आपको इससे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्सों के बारे में बताते हैं।
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चांदनी बार
- फोटो : एक्स
'चांदनी बार' को लेकर क्या बोले थे मधुर भंडारकर
यह साल 2000 की बात है। मधुर भंडारकर उस समय इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। उनकी पहली फिल्म 'त्रिशक्ति' बॉक्स ऑफिस पर असफल हो चुकी थी। इसी दौर में एक दोस्त के साथ वह पहली बार मुंबई के एक डांस बार पहुंचे।
वहां का माहौल देखकर वह असहज हुए, लेकिन बार डांसरों की जिंदगी ने उन्हें भीतर तक परेशान कर दिया। उन्होंने महसूस किया कि मंच पर नाचती इन महिलाओं की कहानी सिर्फ कुछ मिनटों के डांस तक सीमित नहीं है।
उनके पीछे संघर्ष, गरीबी, अपराध और मजबूरी की लंबी कहानी है। इसी अनुभव से 'चांदनी बार' का विचार पैदा हुआ। भंडारकर ने इसके बाद करीब छह महीने तक रिसर्च की। उन्होंने कई बार जाकर वहां के माहौल को समझा और अखबारों में छपी घटनाओं को भी अपने रिसर्च का हिस्सा बनाया।
2001 में एक बातचीत में निर्देशक ने बताया था कि फिल्म का मकसद बार डांसरों की जिंदगी का डॉक्यूमेंटेशन करना नहीं, बल्कि उनके जीवन से प्रेरित एक काल्पनिक कहानी कहना था।
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चांदनी बार
- फोटो : यूट्यूब
क्या थी फिल्म की कहानी?
फिल्म की कहानी 'मुमताज' के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार तब्बू ने निभाया। मुमताज परिस्थितियों के हाथों डांस बार में पहुंचती है और फिर उसकी जिंदगी धीरे-धीरे अपराध की दुनिया से जुड़ती चली जाती है। खास बात यह थी कि तब्बू ने उस समय तक कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए थे, लेकिन 'चांदनी बार' में उन्हें दो बच्चों की मां और बार डांसर का किरदार निभाना था।
मधुर भंडारकर के मुताबिक, उन्होंने मुमताज का किरदार तब्बू को ध्यान में रखकर ही लिखा था। हालांकि, तब्बू को फिल्म तक लाना आसान नहीं था। भंडारकर को उनसे मिलने में करीब 45 दिन लग गए।
शुरुआत में वह इसलिए भी हिचक रही थीं, क्योंकि भंडारकर की पहली फिल्म ‘त्रिशक्ति’ असफल रही थी। लेकिन जब उन्होंने कहानी सुननी शुरू की, तो किरदार ने उन्हें इतना प्रभावित किया कि उन्होंने फिल्म करने का फैसला किया।
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अभिनेत्री तब्बू ने 'चांदनी बार' में निभाया था मुख्य किरदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
खुद तब्बू ने बाद में बताया कि भंडारकर ने उन्हें स्क्रिप्ट सुनाते समय उनकी तस्वीर भी उसके साथ लगाई थी। उन्होंने कहानी का पहला हिस्सा सुना और उससे इतनी प्रभावित हुईं कि भंडारकर को बीच में रोककर स्क्रिप्ट पढ़ने के लिए मांग ली। उनके मुताबिक कहानी इतनी डार्क थी कि उसका असर भावनात्मक रूप से उन पर पड़ा और यही वजह बनी कि उन्होंने फिल्म करने का फैसला किया।
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फिल्म 'चांदनी बार' में तब्बू
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
कम बजट में बनकर भी हिट हुई थी 'चांदनी बार'
'चांदनी बार' का बजट भी आज की फिल्मों के मुकाबले बेहद कम था। यह फिल्म लगभग 1.5 करोड़ रुपये में बनी थी। सैकनिल्क के अनुसार, 25 साल पहले आई इस फिल्म ने दुनियाभर में बॉक्स ऑफिस पर 6.80 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था और यह हिट हो गई थी।
फिल्म में कोई पारंपरिक लंबा गाना नहीं था।
इसका बड़ा हिस्सा हैदराबाद में एक ही सेट पर शूट किया गया था।
रिलीज से पहले फिल्म के टाइटल और विषय को लेकर भी लोगों को संदेह था।
भंडारकर ने बाद में बताया कि कई लोगों को फिल्म का नाम सुनकर लगा कि यह बहुत ही घटिया और बी-ग्रेड फिल्म है।
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तब्बू
- फोटो : सोशल मीडिया
'चांदनी बार' ने जीते कई अवॉर्ड
सिर्फ इतना ही नहीं, 'चांदनी बार' ने चार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। इसमें तब्बू को सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री, अतुल कुलकर्णी को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता, अनन्या खरे को सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री और फिल्म को सामाजिक मुद्दों पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म का सम्मान मिला था।
मधुर भंडारकर के लिए बनी टर्निंग पॉइंट
मधुर भंडारकर के लिए 'चांदनी बार' सिर्फ दूसरी फिल्म नहीं, बल्कि उनके फिल्मी करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। इसके बाद उन्होंने 'सत्ता', 'पेज 3', 'कॉरपोरेट', 'फैशन' जैसी फिल्मों के जरिए समाज और ग्लैमर की दुनिया के अलग-अलग पहलुओं को पर्दे पर उतारा।