भारत सरकार की तरफ से दिए जाने वाले सिनेमा के सर्वोच्च सम्मान दादा साहब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित अभिनेता प्राण के अभिनय और उनकी संवाद अदायगी का कायल पूरा जमाना रहा है। प्राण किशन सिकंद अहलूवालिया ने अपने स्क्रीन नेम प्राण से कुछ ऐसा कहर ढाया कि दशकों तक बच्चों ने अपना नाम ही प्राण नहीं रखा। हालांकि, प्राण पहले फिल्मों में हीरो बने और फिर विलेन। अविभाजित पंजाब के लाहौर में जन्मे और दिल्ली में पले बढ़े प्राण ने अपने पिता के साथ पूरा हिंदुस्तान घूमा। प्राण इकलौते विलेन रहे जिन्होंने अपनी फिल्मों में हीरो से ज्यादा रकम पाई, कभी अपना गेटअप किसी दूसरी फिल्म में नहीं दोहराया। लोगों को सिर्फ बैठकर निहारने, उनकी बोलियों को सीखने और उनके अंदाज में अपने किरदार के रंग तलाश लेने वाले प्राण के जन्मदिन पर आइए जानते हैं, वे 10 बेहतरीन डॉयलॉग्स, जो हिंदी सिनेमा के हर शौकीन को अभी और बरसों बरस याद रहेंगे..