इस बार के लोकसभा चुनाव में बहुत कुछ बदला-बदला है। ज्यादातर पार्टियां नए सूरमाओं की रणनीति के सहारे चुनावी चक्रव्यूह भेदने के लिए मैदान में हैं। असल में, कई नेताओं के दिवंगत होने, राजनीति से संन्यास लेने या पार्टी की कमान नए हाथों में होने से परिस्थितियां बदल गई हैं, इसलिए निगाहें नए सिपहसालारों पर भी हैं। चुनाव के नतीजे ही इनका सियासी कद तय करेंगे। हालांकि, सभी पार्टियां अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही हैं।
इस बार के आम चुनाव में खास बात यह है कि विभिन्न दलों में रणनीति बनाने वाली टीम करीब-करीब पूरी तरह से बदल गई है। कई कद्दावर नेताओं के निधन और कुछ के सियासत से दूरी बनाने के कारण अलग-अलग सिपहसालारों की नई टीम तैयार हुई है। जाहिर तौर पर अलग-अलग दल और गठबंधन का दारोमदार नए सिपहसालारों और उनकी ओर से बनाई रणनीति पर टिकी है।
दरअसल बीते चुनाव में अपनी रणनीतियों के सहारे चुनाव को दशा और दिशा देने वाले कई सियासी दिग्गज अब इस दुनिया में नहीं हैं। अटल बिहारी वाजपेयी-लालकृष्ण आडवाणी युग से ही भाजपा के मुख्य रणनीतिकारों में रहे अरुण जेटली और ओजस्वी वक्ता सुषमा स्वराज का निधन हो गया है। कांग्रेस में भी दशकों तक रणनीति और चुनाव प्रबंधन की कमान संभालने वाले अहमद पटेल, मोतीलाल वोरा भी अब नहीं हंै। वहीं, एके एंटनी ने सियासत से दूरी बना ली है। दूसरे कई दलों में भी यही स्थिति है। सपा के सर्वेसर्वा मुलायम सिंह यादव, रालोद के संस्थापक चौधरी अजित सिंह और देश के सबसे कद्दावर दलित चेहरा रामविलास पासवान के नहीं रहने से इन दलों में भी रणनीति बनाने का जिम्मा नए हाथों में है। कभी जदयू की रणनीति संभालने वाले आरसीपी सिंह की जगह अब केसी त्यागी हैं, तो तृणमूल कांग्रेस रणनीति के मामले में अब सीएम ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर निर्भर है।
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केसी वेणुगोपाल
- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस : वेणुगोपाल सुरजेवाला, रमेश, हुड्डा निभा रहे जिम्मेदारी
कांग्रेस की रणनीतिक टीम में भी आमूलचूल बदलाव हुआ है। दशकों बाद पार्टी में गांधी परिवार के इतर अनुसूचित जाति वर्ग के मल्लिकार्जुन खरगे अध्यक्ष हैं। नई रणनीतिक टीम में पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सिंह सुरजेवाला, दीपेंद्र हुड्डा, गौरव गोगोई, भूपेश बघेल और अशोक गहलोत हैं। कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार चुनावी रणनीति के साथ प्रबंधन की कमान भी संभाल रहे हैं।
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तेजस्वी यादव
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
राजद : लालू सलाहकार तो तेजस्वी यादव मुख्य रणनीतिकार
इस चुनाव में बिहार के डिप्टी सीएम रहे राजद नेता तेजस्वी यादव न सिर्फ अपनी पार्टी, बल्कि राज्य में विपक्षी गठबंधन के भी मुख्य रणनीतिकार हैं। आक्रामक प्रचार और भाषण देने वाली उनकी छवि पर सहयोगी दलों को पूरा भरोसा है। फिलहाल राजद के सर्वेसर्वा रहे लालू प्रसाद यादव सलाहकार की भूमिका में हैं।
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शिवपाल सिंह यादव व रामगोपाल यादव।
- फोटो : amar ujala
सपा : अखिलेश को मदद कर रहे शिवपाल और रामगोपाल
बीते चुनाव के मुकाबले समाजवादी पार्टी की रणनीतिक टीम में भी अहम बदलाव हुआ है। खासकर मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद रणनीति का जिम्मा पूर्व सीएम अखिलेश यादव के पास है। वहीं, नाराजगी और गिले शिकवे दूर होने के बाद रणनीति बनाने में शिवपाल यादव के साथ प्रो. रामगोपाल यादव मदद कर रहे हैं।
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केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर
- फोटो : एजेंसी
भाजपा : शाह की अगुवाई में प्रधान ठाकुर और हिमंता प्रमुख चेहरे
भाजपा में वैसे तो गृहमंत्री अमित शाह 2014 से ही मुख्य रणनीतिकारों में शामिल हैं, मगर दिवंगत अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार, मनोहर परिकर के बाद अब रणनीति का सारा दारोमदार उन्हीं के कंधों पर है। उनकी अगुवाई वाली रणनीतिकारों की नई टीम में महासचिव सुनील बंसल, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, अनुराग ठाकुर, अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा प्रमुख चेहरे हैं।
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चौधरी जयंत सिंह।
- फोटो : अमर उजाला
रालोद : अब जयंत ही सर्वेसर्वा
चौधरी अजित सिंह के निधन के बाद रालोद में अब उनके पुत्र जयंत चौधरी ही सर्वेसर्वा हैं। पार्टी के इकलौते रणनीतिकार ने हाल ही में विपक्षी गठबंधन से किनारा कर एनडीए से नाता जोड़ा है। बीते दो चुनाव से सूखा झेल रही उनकी पार्टी को नए गठबंधन के साथ खाता खुलने की उम्मीद है।
चिराग पासवान ने की पीएम मोदी से मुलाकात
- फोटो : social media
लोजपा : चिराग ही संभालेंगे विरासत
राजनीति में दलितों के कद्दावर चेहरा रहे रामविलास पासवान के निधन के बाद उनकी पार्टी दो हिस्से में टूटी। पुत्र चिराग और भाई पशुपति ने अलग-अलग राह ली। 2014 में लोजपा को राजग में लाने के लिए अपने पिता रामविलास को राजी करने वाले चिराग के पास अब पिता की विरासत और पार्टी संभालने की जिम्मेदारी है। उन्हें पहली सफलता तब मिली, जब भाजपा ने गठबंधन के लिए चिराग को पशुपति पर तरजीह दी। अब चिराग रणनीति का तानाबाना बुन रहे हैं।