वैश्विक संक्रामक महामारी कोविड-19 के दौर में डॉक्टर सबसे अग्रिम मोर्चे पर कोरोना वायरस मरीजों की जान बचाने के संघर्ष कर रहे हैं। ये जीवनरक्षक डॉक्टर अक्सर सफेद कोट यानी व्हाइट एप्रिन के अलावा अक्सर हरे रंग के गाउन और नीले रंग के गाउन में नजर आते हैं। लेकिन क्या कभी आपने सोचा हैं कि लोगों की जिंदगी में खुशियों के रंग भरने वाले अस्पताल के ये भगवान के दूत अक्सर हरे या नीले रंग के लिबास में ही क्यों दिखते हैं? इतना ही नहीं अस्पताल का रंग नीरस सा क्यों होता है? क्या है इस हरे और नीले रंग के पीछे के असली कहानी और वैज्ञानिक कारण? साथ ही कब और क्यों बदला गया था डॉक्टरों का लिबास? तो आइए जानते हैं ...