कोरोना के बढ़ते असर ने देश को केंद्रीय और विभिन्न राज्य सरकारों को कई तरह के नियम बनाने के लिए मजबूर कर रखा है। कई स्तरों पर लॉकडाउन की स्थितियां बनी ही हुई है। बहुत सी कंपनियों तो अब तक अपने कर्मचारियों से वर्क फ्रॉम होम ही करवा रही हैं। अब तो करीब करीब सभी कंपनियों के लिए वर्क फ्रॉम होम कराने की स्थितियां हैं।
ऐसे में कोविड-19 के चुनौती भरे माहौल में विदेशी भाषाओं के जानकारों के लिए जॉब के बेहतर अवसर सामने आकर खड़े हो गए हैं। खास तौर पर उन लोगों के लिए करिअर की नई उड़ान भरने का मौका है, जो एक से अधिक भारतीय भाषाओं के साथ ही विदेशी भाषाओं के अच्छे जानकार है। क्योंकि एक बार फिर से उद्योग व्यापार और सरकारी क्षेत्र में ऑनलाइन बैठकों और संपर्क का दौर शुरू है।
आज भारत में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां, ट्रैवल्स कंपनियां, पांच सितारा होटल और आईटी कंपनियां विदेशी भाषा के अच्छे जानकारों युवाओं की खोज में हैं। एमबीए और बीबीए की पढ़ाई कराने वाले संस्थानों में भी छात्रों को एक विदेशी भाषा सिखाने का प्रचलन जोरों पर है। इनमें फ्रेंच, स्पैनिश, इटेलियन, जर्मन, रश्यिन, जैपनीज और कोरियन जैसी भाषाएं प्रमुख हैं। इन संस्थानों में भी शिक्षकों को अच्छी खासी मांग है।