पहले ही प्रयास में आईएएस की परीक्षा में 39वीं रैंक हासिल करने वाली उत्तराखंड की हल्द्वानी निवासी अपूर्वा पांडे ने सक्सेस मंत्रा बताए हैं।
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UPSC
अपूर्वा जीजीआईसी नैनीताल में रसायन विज्ञान की शिक्षिका मीना पांडे और कोटाबाग पॉलिटेक्निक के अध्यापक किशन चंद्र पांडे की पुत्री हैं। अपूर्वा सेंट मेरीज स्कूल की पूर्व छात्रा रही हैं।
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upsc
- फोटो : self
अपूर्वा को बचपन से ही किताबें पढ़ने, वाद-विवाद प्रतियोगिता में भाग लेने का शौक था। वादविवाद में उन्होंने अनेक पुरस्कार भी जीते और यह दोनों शौक आईएएस में मददगार भी बने।
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Apoorva pandey
अपूर्वा का कहना है कि अनुशासन, लगन, सतत प्रयास से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने इस परीक्षा के लिए पांच से छह घंटे पढ़ाई की। परीक्षा से तीन माह पहले से उन्होंने 12 घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की।
आईएएस बनने के बाद अपूर्व का इरादा देश की शिक्षा व्यवस्था, जेंडर की समानता के सुधार के लिए कार्य करने का है। यातायात व्यवस्था में सुधार करना भी उनकी प्राथमिकता रहेगी।