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Career After 12th: सिर्फ एमबीबीएस ही नहीं, जीव विज्ञान के छात्रों के पास ये भी है करिअर विकल्प

Tue, 22 Nov 2022 12:03 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Career After Class 12th Biology: बायोलॉजी पढ़ने वाले विद्यार्थी के लिए सिर्फ एमबीबीएस करके एलोपैथी डॉक्टर बनना ही जिंदगी जीने का एक मात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए। कक्षा 12वीं जीव विज्ञान से उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए कुछ और अच्छे विकल्प भी हैं, जिन्हें वे कम रैंक के आधार पर नीट काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान चुन सकते हैं। 
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Career After 12th Science - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
Career Options After Class 12th Science Biology: नीट यूजी 2022 रिजल्ट घोषित होने के बाद अच्छी रैंक नहीं मिलने से लाखों छात्र निराश हो जाते हैं, जबकि उनके पास करिअर विकल्प बहुत से होते हैं, लेकिन उन्हें शायद इनकी जानकारी नहीं होती होगी। बायोलॉजी पढ़ने वाले विद्यार्थी के लिए सिर्फ एमबीबीएस करके एलोपैथी डॉक्टर बनना ही जिंदगी जीने का एक मात्र लक्ष्य नहीं होना चाहिए। कक्षा 12वीं जीव विज्ञान से उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए कुछ और अच्छे विकल्प भी जिन्हें वे कम रैंक के आधार पर नीट काउंसलिंग प्रक्रिया के दौरान चुन सकते हैं। केंद्रीकृत नीट यूजी काउंसलिंग के बाद स्टेट वाइज भी काउंसलिंग शुरू होगी। कुछ राज्यों में शुरू भी हो चुकी है। ऐसे में यह खबर पढ़ना मेडिकल शिक्षा उम्मीदवारों के लिए बेहद जरूरी है। हालांकि, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा क्वालिफाई कर चुके उम्मीदवार मुख्य रूप से एमबीबीएस और उसके बाद बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए लक्ष्य रखते हैं, लेकिन जीव विज्ञान के छात्रों के लिए एमबीबीएस ही नहीं बल्कि ये पांच और विकल्प भी हैं, जिन्हें वे काउंसलिंग के दौरान पसंद के तौर पर चुन सकते हैं। आइए जानते हैं ... 
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आयुर्वेद और योग। - फोटो : अमर उजाला।
बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी (BAMS)
आयुर्वेदिक चिकित्सा भी अध्ययन का एक उभरता हुआ क्षेत्र है। कोरोना महामारी का दौर बीतने के बाद से ही अधिकाधिक लोग इन दिनों आयुर्वेद और आयुर्वेदिक दवाओं की अवधारणाओं को समझने में रुचि दिखा रहे हैं। यह विषय शरीर रचना विज्ञान, शरीर विज्ञान, विष विज्ञान, औषधि विज्ञान और आयुर्वेदिक प्रणाली के इतिहास की गहन समझ प्रदान करता है। योगगुरु बाबा रामदेव की अगुवाई वाले पतंजलि योगपीठ की स्वीकार्यता एवं दिव्य फार्मेसी का बढ़ता कारोबार इसका उत्कृष्ठ उदाहरण है। जिला स्तर सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालयों के साथ ही निजी अस्पतालों में भी आयुर्वेदिक चिकित्सकों की भी जरूरत रहती है। आप खुद का अस्पताल भी शुरू कर सकते हैं। 
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dentist - फोटो : Social Media
बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (BDS)
MBBS के बाद डेंटिस्ट्री  (BDS) सबसे लोकप्रिय करिअर विकल्प है। यह कोर्स ओरल हेल्थ केयर के क्षेत्र से संबंधित है। हालांकि, लाइसेंस पाने के लिए आपको एक साल की अनिवार्य इंटर्नशिप पूरी करनी होती है। बीडीएस भारत में एमबीबीएस के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रम हैं। इसके बाद आप खुद का दंत चिकित्सा अस्पताल और क्लिनिक भी शुरू कर सकते हैं। खानपान की गलत आदतों के कारण आजकल अक्सर लोग दांतों से संबंधित समस्याओं का अनुभव करते हैं और दंत चिकित्सकों से सलाह एवं उपचार लेते हैं। 

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गाय का ऑपरेशन करते हुए पशु चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
पशु चिकित्सा विज्ञान स्नातक (BVSC)
पशु चिकित्सा विज्ञान पशु शरीर रचना के चिकित्सा पहलुओं से संबंधित है। जीव विज्ञान के छात्रों के लिए यह एक लोकप्रिय करिअर विकल्प रहता है। ग्रामीण इलाकों में पशु चिकित्सकों की बहुत मांग है। पशुपालन, डेयरी उद्योग, पॉल्ट्री फार्म, चिड़ियाघरों और घरों में पालतु पशुओं को रखने के बढ़ते प्रचलन के कारण शहरी इलाकों में भी अब पशु चिकित्सकों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सरकारी या निजी पशु चिकित्सा संस्थान में नौकरी करने के अलावा आप अपने घर पर भी क्लिनिक खोल सकते हैं। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
नर्सिंग विज्ञान में स्नातक (BSc Nursing, ANM/GNM)
कक्षा 12वीं के बाद जीव विज्ञान के छात्रों में नर्सिंग सबसे लोकप्रिय पाठ्यक्रमों में से एक है, आप तीन नर्सिंग पाठ्यक्रमों में से एक का पीछा कर सकते हैं। सहायक नर्स और मिडवाइफ डिप्लोमा (एएनएम), जनरल नर्सिंग एंड मिडवाइफ (जीएनएम), या बीएससी नर्सिंग बेहतरीन पाठ्यक्रम हैं। इन डिग्रियों के बाद आप सरकारी नौकरी के अलावा, अपने नजदीकी किसी भी अस्पताल, क्लिनिक और ब्लड बैंक में नौकरी पा सकते हैं। ग्रामीण इलाकों में आप आपातकालीन सेवा क्लिनिक भी खोल सकते हैं। 
 
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genetic engineering - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
जेनेटिक इंजीनियरिंग (BTech Genetic Engineering)
जेनेटिक इंजीनियरिंग जैव प्रौद्योगिकी की एक ब्रांच है। यह विषय अनिवार्य रूप से आनुवंशिक सामग्री जैसे जीवों के जीन व डीएनए आदि को संशोधित करने, जांच करने और उनमें बदलने से संबंधित है। इसमें करिअर बनाने के लिए उम्मीदवार का कक्षा 12वीं में जीव विज्ञान या गणित से पास करना जरूरी है। अर्थात पीसीबी और पीसीएम वाले विद्यार्थी ही जेनेटिक इंजीनियरिंग में करिअर बना सकते हैं। 
 
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