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बीटेक तक जिनके पास अपना कंप्यूटर नहीं था, जानें वो कैसे बने गूगल के सीईओ

Fri, 27 Sep 2019 12:07 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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सुंदर पिचई
आज गूगल के 21वें जन्मदिन पर हम आपको इसके सीईओ सुंदर पिचाई के बारे में बता रहे हैं। भारतीय मूल के सुंदर पिचाई का वास्तविक नाम सुंदराजन है। उनका जन्म मदुरै (तमिलनाडु) में 1972 में हुआ था। लेकिन वो चेन्नई में पले-बढ़े। उनकी मां लक्ष्मी एक स्टेनोग्राफर और पिता रघुनाथ पिचाई इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। 

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sundar pichai
  • सुंदर पिचाई ने अपनी 10वीं तक की पढ़ाई सीबीएसई से मान्यता प्राप्त जवाहर विद्यालय से और 12वीं वना वाणी स्कूल से की।
  • इसके बाद उन्होंने आईआईटी खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री प्राप्त की। 
  • अपने बैच में सुंदर को सिल्वर मेडल मिला था। 
  • आईआईटी के बाद सुंदर ने स्कॉलरशिप की मदद से अमेरिका की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मैटीरियल साइंस में एमएस किया।
  • इसके बाद पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के व्हॉर्टन स्कूल से एमबीए की डिग्री ली।
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Sundar Pichai
सुंदर ने एक इंटरव्यू में बताया है कि अमेरिका जाने से पहले उनके पास अपना कम्प्यूटर भी नहीं था। उनके परिवार को टेलीफोन कनेक्शन के लिए पांच साल इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने बताया कि जब उनके घर में फोन लगा तो लगा मानो वह सामुदायिक कनेक्शन हो गया हो। पड़ोसी अपने बच्चों को कॉल करने के लिए आते थे। ऐसी ही बातों से सुंदर की तकनीक की ताकत समझ आई।

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सुंदर पिचाई
  • 1995 में जब सुंदर पढ़ाई के लिए अमेरिका गए, तब आर्थिक तंगी के कारण अपनी हर पुरानी चीज इस्तेमाल कर पैसे बचाए। 
  • वह पीएचडी करना चाहते थे। लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं कि उन्हें नौकरी करनी पड़ी।
  • पहली नौकरी सुंदर ने एक कंपनी में बतौर प्रोडक्ट मैनेजर की थी। फिर दूसरी कंपनी में बतौर कंसल्टेंट काम किया।
  • अप्रैल 2004 में सुंदर ने गूगल ज्वाइन किया। 
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क्रिकेट खेलते सुंदर पिचाई - फोटो : social media
गूगल में सुंदर पिचाई पहला प्रोजेक्ट प्रोडक्ट मैनेजमेंट और इनोवेशन शाखा में दिया गया। यहां उन्हें गूगल के सर्च टूल को बेहतर बनाने और दूसरे ब्रॉउजर के यूजर्स को गूगल पर लाने का काम दिया गया था।
इसी दौरान सुंदर ने कंपनी को सुझाव दिया कि गूगल को अपना ब्राउजर लॉन्च करना चाहिए। 

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Google CEO Sundar Pichai
  • गूगल का एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम बनाने और 2008 में लॉन्च हुए गूगल क्रोम में सुंदर की अहम भूमिका रही। 
  • ऐसे काम और अपने आइडिया से वह गूगल के संस्थापक लैरी पेज की नजरों में आए।
  • गूगल में प्रोडक्ट चीफ, एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम प्रमुख जैसे पदों पर रहने के बाद साल 2015 में उन्हें कंपनी का सीईओ बनाया गया।
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