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पिता का दर्द देख 13 साल के बच्चे ने खड़ी कर दी कंपनी, 2 साल में 100 करोड़ कमाने का टारगेट

Thu, 19 Jul 2018 11:40 AM IST
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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तिलक मेहता
मुंबई के रहने वाले 13 साल के तिलक मेहता की कहानी किसी के लिए भी प्रेरणादायक है। 8वीं का छात्र तिलक हर रोज अपने पिता को काम से थक हारकर घर आते हुए देखता था और उसे यह बात परेशान कर देती थी कि वो अपने पिता की कोई मदद नहीं कर पा रहा है। बस फिर क्या था उसने अपने पिता की मदद करने की ठानी और एक स्टार्टअप पेपर्स एंड पार्सल्स (पीएनपी) नाम से लॉजिस्टिक्स कंपनी खोल दी। 
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तिलक मेहता
ऐसे आया आइडिया
एक इंटरव्यू में तिलक ने बताया कि 'कई बार मुझे किताबों की जरूरत पड़ती थी तो पिताजी को दिनभर के कामों से थके देखकर उन्हें कहने की हिम्मत नहीं जुटा पाता था। यहीं से यह आइडिया आया कि मुंबई शहर के अंदर 24 घंटे में छोटे पार्सल कैसे पहुंचाएं जाएं।'
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तिलक मेहता
बैंक अधिकारी ने की मदद
तिलक ने स्टार्टअप शुरू करने का ये आइडिया एक बैंक अधिकारी घनश्याम पारेख को बताया तो उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ तिलक के साथ ही जुड़ गए और कंपनी में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के तौर पर काम करने लगे। इसके लिए तिलक ने मुंबई के डिब्बावालों की मदद ली।

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तिलक मेहता
ऐसे काम करती है पीएनपी
पीएनपी अपना काम मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए करती है। तिलक मेहता की कंपनी में फिलहाल 200 कर्मचारी काम कर रहे हैं साथ ही 300 से ज्यादा डिब्बावाले भी जुड़े हुए हैं। डिब्बावालों की मदद से कंपनी हर होज 1200 से ज्यादा पार्सल डिलीवर कर रही है। पीएनपी फिलहाल अधिकतम 3 किलो तक के ही पार्सल स्वीकार कर रही है जिसका शुल्क 40 से 180 रुपये तक होता है।
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तिलक मेहता
2020 तक का लक्ष्य
पीएनपी की सेवाएं ज्यादातर पैथोलॉजी लैब्स, बुटीक शॉप्स और ब्रोकरेज कंपनी जैसे ग्राहक ले रहे हैं। अब तिलक मेहता का लक्ष्य साल 2020 तक कंपनी 100 करोड़ का राजस्व सालाना कमा ले। साथ ही लॉजिस्टिक्स के बाजार में उनकी हिस्सेदारी बढ़कर 20 फीसदी हो जाए।
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