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UPSC Success Story: तृप्ति ने बीटेक के बाद इसरो सहित 16 नौकरियां ठुकराईं, आईपीएस अफसर बन कर पूरा किया ख्वाब

Wed, 29 Mar 2023 11:20 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

UPSC Success Story: इंजीनियरिंग के बाद तृप्ति भट्ट ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 165वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बनीं। इतना ही आईपीएस तृप्ति भट्ट राष्ट्रीय स्तर की 16 और 14 किमी मैराथन और राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। 
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आईपीएस तृप्ति भट्ट - फोटो : Social Media
IPS Tripti Bhatt's Success Story: अच्छी नौकरी पाने या लाखों का पैकेज पाने के बाद ही व्यक्ति सफल हो सकता है या फिर बड़ी सार्वजनिक या निजी कंपनी में बड़ा पैकेज पाना ही संतुष्टि की परिचायक हो ऐसा नहीं होता। सफलता और खुशियों का मापदंड बड़ी कंपनी का बड़ा पैकेज या सरकारी नौकरी नहीं होती है बल्कि वह काम है जिसे करने में आपको खुशी मिलती है। ये पंक्तियां चरितार्थ होती हैं उत्तराखंड के अल्मोड़ा की बेटी तृप्ति भट्ट पर। 
 
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आईपीएस तृप्ति भट्ट - फोटो : Social Media
इंजीनियरिंग पूरी करने के बाद तृप्ति भट्ट के सामने कई ऑप्शन थे। उनका कईं सरकारी और गैर-सरकारी दिग्गज कंपनियों में बडे़ पैकेज पर चयन भी हुआ, जिन्हें वे ठुकराती रहीं। एक तरफ उनके साथी ऐसे बेहतरीन ऑफर पाने के लिए कठिन परिश्रम कर रहे थे, तो इधर तृप्ति भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र यानी इसरो तक के ऑफर को रिजेक्ट कर चुकी थी। तृप्ति ने इसरो सहित छह सरकारी नौकरियों की परीक्षाएं पास कीं और प्रतिष्ठित निजी संस्थानों से भी कई ऑफर लेटर प्राप्त किए। लेकिन उसकी चाहत कुछ और थी। 
 
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आईपीएस तृप्ति भट्ट - फोटो : Social Media
तृप्ति भट्ट का जन्म एक शिक्षक परिवार में हुआ था और वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उन्होंने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा बेर्शेबा स्कूल से की और बाद में केंद्रीय विद्यालय से कक्षा 12वीं पास की। हाई स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने इंजीनियरिंग की राह पकड़ी और पंतनगर विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इंजीनियरिंग के बाद मिले सभी उसने इन सभी प्रस्तावों को अस्वीकार कर दिया क्योंकि वह आईपीएस अधिकारी बनने का सपना देखती थी।
 

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आईपीएस तृप्ति भट्ट - फोटो : Social Media
जब तृप्ति की नौवीं क्लास के दौरान तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात हुई थी, तब डॉ कलाम ने उन्हें एक हस्तलिखित पत्र दिया। जिसमें कई प्रेरणास्पद बातें लिखी थीं। इनसे तृप्ति भट्ट को प्रेरणा मिली। उसके बाद से ही तृप्ति अपने बचपन के सपने को पूरा करने में जुट गई। 

 
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आईपीएस तृप्ति भट्ट - फोटो : Social Media
 
इंजीनियरिंग के बाद तृप्ति भट्ट ने अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2013 में 165वीं रैंक हासिल की और आईपीएस बनीं। इतना ही आईपीएस तृप्ति भट्ट राष्ट्रीय स्तर की 16 और 14 किलोमीटर मैराथन और राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिताओं में स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं। इसके साथ ही वह ताइक्वांडो और कराटे में भी पारंगत है। 
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