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बर्तन धोकर और मांगे हुए कपड़े पहनकर ओम पुरी ने बिताए थे तंगी के दिन

Fri, 06 Jan 2017 04:26 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Getty Images
अभिनय की दुनिया के दिग्गज अभिनेता ओम पुरी ने शुक्रवार की सुबह अपनी आखिरी सांस ली। वह हमेशा अपनी यादगार भूमिकाओं के लिए जाने जाएंगे। अपनी अदाकारी से उन्होंने फिल्म जगत में एक अलग पहचान बनाई थी। लेकिन बेहद कम लोग यह जानते हैं कि सफलता की सीढ़ियां चढ़ने से पहले इस बेमिसाल एक्टर ने अपनी जिंदगी में कई मुश्किलों का सामना किया था।
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ओम पुरी की पत्नी नंदिता पुरी ने अपनी किताब 'अनलाइक्ली हीरो: ओम पुरी' में उनके जीवन के कई राज खोले थे। किताब के अनुसार ओम के बचपन के दिन काफी कठिन थे। ओम के पिता की हर थोड़े समय में नौकरी छोड़ देने की आदत की वजह से पूरे परिवार को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। मुश्किलों का आलम यह था कि परिवार के पास खाने के भी लाले थे।
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तकलीफों का सिलसिला तब और बढ़ गया जब ओम के पिता को चोरी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। तब दो वक्त की रोटी के जुगाड़ के लिए 7 साल के ओम चाय की दुकान पर काम करे लगे। ओम अपने भाई वेद के साथ वहां बर्तन धोते थे।

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मां-बाप की माली हालत कमजोर होने के कारण उन्हें उनके ननिहाल भेज दिया गया। यहां रहकर ओम ने पढ़ाई-लिखाई की। लेकिन एक दिन ऐसा आया जब उन्हें इस घर से भी जाने को बोल दिया गया। अपना ननिहाल छोड़ने के बाद ओम अपने हेडमास्टर की शरण में गए जिन्होंने उनके रहने का बंदोबस्त कराया।
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उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और कॉलेज में दाखिला भी लिया। वह दिन में लैब असिस्टेंट की नौकरी करते थे और शाम को कॉलेज जाते थे। पटियाला में रहकर उन्होंने अपनी कॉलेज की पढ़ाई पूरी की।
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उन्हें भारतीय सिनेमा का दिग्गज अभिनेता कहा जाता है लेकिन एक वक्त ऐसा था जब वो आर्मी में जाने के ख्वाब देखा करते थे। कॉलेज के दौरान उन्हें एक्टिंग का चस्का लगा। यही वक्त था जब उन्हें थियेटर करने का ऑफर मिला। लैब में 125 रुपये  कमाने वाले ओम पुरी को एक्टिंग के लिए 150 रुपये मिलने लगे।
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एक्टिंग को लेकर उनका जूनून ऐसा था कि उन्होंने क्लर्क की अपनी सरकारी नौकरी तक छोड़ दी थी। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा ज्वाइन किया। इसके बाद अपने दोस्त नसीरुद्दीन शाह के कहने पर उन्होंने फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया भी ज्वाइन किया।

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ओम पुरी की जिंदनी में उनके दोस्तों का काफी योगदान रहा है। खुद मानते थे कि उनके मां-बाप ने उन्हें सिर्फ पैदा किया है, पाला उनके दोस्तों ने है। अपने दोस्तों की यारी को याद करते हुए ओम पुरी ने एक टीवी शो के दौरान बताया कि एक वक्त उन्होंने कपड़े तक दोस्तों से मांगे थे। दरअसल, एक इंटरव्यू के लिए ओम के पास ढंग की कमीज नहीं थी, तो उन्होंने अपने करीबी दोस्त नसीरुद्दीन शाह की कमीज उतरवा कर पहनी थी। ओम पुरी और नसीरुद्दीन शाह, दोनों ने अभिनय की दुनिया में 50 साल तक काम किया।
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ओम पुरी ने अपनी जिंदगी में कई यादगर रोल किए हैं। आक्रोश, अर्ध सत्य, माचिस, गांधी और मकबूल जैसी फिल्मों ने उनकी बॉलीवुड में अलग पहचान बनाई। हिंदी के अलावा ओम पुरी ने कई उर्दू और अंग्रेजी फिल्मों में भी काम किया है। अपनी अदाकारी के लिए उन्हें नेशनल और फिल्मफेयर अवार्ड भी मिल चुका है। भारत सरकार ने सिनेमा में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्मश्री से नवाजा था।
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