फोर्ब्स ने साल 2017 के 'सुपर अचीवर्स' की सूची जारी की है। 600 लोगों के इस सूची में 30 भारतीय मूल के लोग भी हैं। यह सभी सुपर अचीवर 30 साल से कम उम्र के हैं और इन्हें नवीन आविष्कारक, उद्यमी और नेतृत्वकर्ताओं की विभिन्न श्रेणियों में जगह दी गई है जो दुनिया को बदलने में यकीन करते हैं। किन भारतवंशियों ने इस सूची में जगह बनाई है, जानिए
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विवेक कोप्पाथीर 27 साल के हैं और नियो लाइट के सह-संस्थापक हैं। विवेक ने पीलिया रोग के लिए घर में इस्तेमाल होने वाला छोटा प्रकाश चिकित्सा उपकरण बनाया है जो अपनी 7 साल की जिंदगी में एक हजार बच्चों को पीलिया के रोग से बचा सकता है। यह उपकरण सोलर और बैटरी दोनों से चल सकता है।
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ऑथोर निंजा के संस्थापक शॉन पटेल ने भी इस सूची में अपनी जगह बनाई है। पेशे से वह ऑर्थोपेडिक सर्जन हैं। डॉक्टरों के बीच संवाद ज्यादा से ज्यादा हो सके, इसलिए वह एक मोबाइल ऐप बना रहे हैं।
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रोहन सूरी दिमागी चोट का पता लगाने के लिए एक ऐसे उपकरण का अविष्कार किया है जो हेडसेट और मोबाइल फोन के जरिए चल सकेगा। रोहन के भाई का सही तरीके से इलाज नहीं हो पाया था, जिसने रोहन को यह उपकरण बनाने के लिए प्रेरित किया। रोहन के उपकरण से 60 से ज्यादा दिमागी चोट पता लगाया जा चुका है।
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आदित्य अग्रवाल ने किसानों के लिए ऑनलाइन मार्केट प्लेस बनाया है। वह कंपनी किसान नेटवर्क के सह-संस्थापक हैं। आदित्य प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी के ड्रॉप आउट हैं। किसान नेटवर्क आदित्य ने अपने पिता के साथ मिलकर बनाया है।
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वरुण शिवराम एनर्जी, सिक्युरिटी और क्लाइमेट चेंज के एक्टिंग डारेक्टर हैं। यह विदेशी संबंधों पर बनी एक लीडिंग थिंक टैंक काउंसिल है। वरुण हिलेरी क्लिंटन को उनके राष्ट्रपति अभियान के दौरान एनर्जी पॉलिसी पर सलाह भी दे चुके हैं।
प्रार्थना देसाई ने लोगों की मदद के लिए अपनी पढ़ाई छोड़ दी। 27 साल की प्रार्थना की कंपनी जिप्लिन रवांडा में ड्रोन के जरिए लोगों तक दवाएं पहुंचाती है। वह चाहती हैं कि मेडिकल सुविधाएं सभी तक पहुंचे।