संघर्ष क्या होता है, यह अमिताभ सदंगी को अच्छे से मालूम है। आज लाखों गरीब किसानों का भला कर रहे अमिताभ खुद भी गरीबी के दर्द को झेल चुके हैं।
विज्ञापन
2 of 8
उड़ीसा के गैलरी नाम के एक छोटे से गांव में जन्मे अमिताभ का बचपन इतनी गरीबी में बीता था कि दो वक्त की रोटी का जुगाड़ कर पाना भी मुश्किल होता था। अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए वह अखबार बेचा करते थे। अमिताभ अच्छे से जानते थे कि इस गरीबी से उन्हें केवल पढ़ाई ही निकाल सकती है। अपनी पढा़ई जारी रखने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की।
विज्ञापन
3 of 8
कॉलेज से निकलने के बाद उन्हें उड़ीसा सरकार में असिस्टेंट लेबर ऑफिसर की नौकरी मिल गई। लेकिन गरीब किसानों के लिए काम करने की उनकी इच्छा ने उन्हें ज्यादा दिन नौकरी में टिकने नहीं दिया। 1991 में उन्होंने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ कर अपनी कंपनी के लिए काम करना शुरू किया। 2001 में जाकर उनकी कंपनी शुरू हुई।
4 of 8
उनकी कंपनी खेती बाड़ी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिंचाई उपकरण बनाती है। भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ती है। ऐसे में यह उपकरण किसानों के लिए किसी जीवनदान से कम नहीं है।
विज्ञापन
5 of 8
वह अच्छे से जानते थे कि इस क्षेत्र में वह पहले इंसान नहीं हैं। अब तक कई लोग सिंचाई उपकरण बना चुके हैं। लेकिन वह ये भी जानते थे कि सभी उपकरण महंगे हैं। अमिताभ गरीब किसानों के लिए काम करना चाहते थे।
विज्ञापन
6 of 8
ट्रेडल पंप्स छोटे खेतों के लिए काफी अच्छे होते हैं। इन्हें बनाने का आइडिया उन्हें बांग्लादेश से मिला था। तभी उन्होंने इन पंप्स को भारत में बनाने की सोची। ट्रेडल पंप्स सस्ते होते हैं और 4-5 हजार लीटर तक पानी एक घंटे में निकाल सकते हैं। यह बांस के सहारे पैरों से चलती है। आदमी-औरत हो या बूढ़े-बच्चे, हर कोई इसको चला सकता है।
विज्ञापन
7 of 8
अमिताभ के उपकरण ने किसानों को आत्मनिर्भर बना दिया है। भारत के ज्यादातर किसान मौसम पर निर्भर रहते हैं और मौसम का मिजाज कभी भी बदल जाता है। इसलिए अमिताभ की कोशिश किसानों के लिए फलदाई साबित हुई है।
अपनी कंपनी इंटरनेशनल डेवेलपमेंट एंटरप्राइजेज-इंडिया (IDEI) के जरिए वह अब तक भारत के 17 राज्यों के 10 लाख से ज्यादा किसानों की मदद कर चुके हैं। अमिताभ का लक्ष्य 2020 तक 30 लाख किसानों तक पहुंचना है। वह ट्रेडल पंप्स की सप्लाई बाहर के देशों में भी कर रहे हैं। इनकी कंपनी खेती में उभरते लोगों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का भी प्रबंध करती है।