फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पिता ने उधार लिया, शहर छोड़ दिया...बेटे ने CWG में वो इतिहास रच दिया, भर आई आंखें

Sun, 22 Apr 2018 04:01 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
1 of 6
अनीश भानवाला
पिता ने उधार लिया, शहर तक छोड़ दिया और अब बेटे ने 15 साल की उम्र में सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। अनीश भानवाल ने ऐसे रचा इतिहास।
विज्ञापन

2 of 6
अनीश भानवाला
पिता ने उधार लिया, शहर तक छोड़ दिया और अब बेटे ने 15 साल की उम्र में सिर फक्र से ऊंचा कर दिया। अनीश भानवाल ने ऐसे रचा इतिहास।
विज्ञापन

3 of 6
अनीश भानवाला
वहीं, अनीश ने कॉमनवेल्थ गेम्स में पदार्पण करते ही दो नए रिकॉर्ड भी कायम कर दिए। एक, अनीश ने 2014 में ग्लाग्सो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में आस्ट्रेलिया के डेविड चापमान की ओर से बनाए रिकॉर्ड को तोड़ दिया। दूसरा, अनीश सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने मनु भाकर का रिकॉर्ड तोड़ा। मनु ने इन्हीं गेम्स में 16 की उम्र में गोल्ड जीतने का कारनामा किया था।

4 of 6
अनीश भानवाला
इससे पहले 1998 में अभिनव बिंद्रा 15 साल की उम्र में कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। अब 15 की उम्र में इन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले अनीश सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। साल 2017 में ही  25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में अनीश का नाम उभर कर सामने आया। अनीश भनवाल ने आईएसएसएफ जूनियर वर्ल्डकप और आईएसएसफ जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीते थे।
विज्ञापन

5 of 6
अनीश भानवाला
बना चुके हैं विश्व रिकॉर्ड
नवंबर 2017 में अनीश ने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में ओलिंपियन गुरप्रीत सिंह को काफी पीछे छोड़ते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया था। जून 2017 में वे विश्व रिकॉर्ड के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन बने थे। अनीश ने 579 शॉट्स के साथ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के साथ ही गोल्ड मेडल जीता था। अनीश के परिवार में कोई भी इस खेल से ताल्लुक नहीं रखता था। अनीश के पिता जगपाल भनवाल करनाल में एडवोकेट हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
अनीश भानवाला
अनीश कम उम्र से ही शूटिंग के प्रति आकर्षित हो गए थे। शूटिंग को महंगा खेल माना जाता है। सामान्य पारिवारिक पृष्ठभूमि से आने वाले अनीश की रूचि देखते हुए घरवालों ने भी सपोर्ट किया। परिवार का दूर-दूर तक खेलों से कोई संबंध नहीं था। करनाल शूटिंग रेंज में अभ्यास करने के लिए इनके पिता ने पिस्टल तक उधार ली थी। 2014 में बेटे के बेहतर करियर के लिए पूरा परिवार हरियाणा से दिल्ली आ बसा, जहां उसे बेहतर ट्रेनिंग मिल सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें