रूस-यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) का असर वहां हजारों की संख्या में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों (Indian Students) पर भी पड़ा है। ज्यादातर छात्रों ने यूक्रेन छोड़ दिया है और कईयों को सरकार सुरक्षित वापस भारत ले आई है। इनमें से अधिकांश मेडिकल विद्यार्थी हैं। अब इन छात्रों की शिक्षा अधर में लटक चुकी है, क्योंकि ये छात्र कब वापस जाएंगे और कब इनकी पढ़ाई दोबारा शुरू हो पाएगी? यह कहना अभी मुश्किल है।
देश में इस बात पर चर्चा जारी है कि सरकार इन छात्रों के पाठ्यक्रम को पूरा कराने के लिए कोई कदम उठा सकती है या नहीं। क्या ये मेडिकल स्टूडैंट भारत में रहकर सरकारी और निजी संस्थानों में अपनी आगे की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं? क्या सरकार इनके भविष्य के लिए अपने नियमों में बदलाव करेगी? या फिर इन्हें किसी अन्य देश में पढ़ने भेजेगी? अमर उजाला आपको बता रहा है उन उपायों के बारे में जिनसे सरकार इन छात्रों की पढ़ाई को अधर में लटकने से बचा सकती है...