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Pariksha Pe Charcha 2023: पीएम मोदी ने छात्रों को सफलता के दिए ये मंत्र, परीक्षा में आएंगे काम

Fri, 27 Jan 2023 03:22 PM IST
सौरभ पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

PM Modi PPC 2023: पीएम नरेंद्र मोदी ने आज छात्रों से परीक्षा पे चर्चा में कार्यक्रम में बातचीत की। उन्होंने छात्रों को तमाम तरह की मुश्किलों से निपटने के बारे टिप्स भी दिए हैं। 
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Pariksha Pe Charcha 2023 - फोटो : @ani
PM Narendra Modi Interact With Students Pariksha Pe Charcha 2023: प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से बात की। उन्होंने कहा कि समृद्ध लोकतंत्र के लिए आलोचना एक शुद्धि यज्ञ है। आलोचना समृद्ध लोकतंत्र की पूर्व शर्त है। उनसे पूछा गया था कि वह खुद आलोचना का सामना कैसे करते हैं। रायपुर की अदिति और डलहौजी की आरुषि ने पीएम मोदी से समय के प्रबंधन पर सवाल किया। पीएम मोदी ने कहा, सिर्फ परीक्षा ही नहीं, जीवन में भी समय प्रबंधन बहुत जरूरी है। इसे आप अपनी मां से सीख सकते हैं। सबसे ज्यादा काम मां ही करती है। किसी काम को करना उसे बोझ नहीं लगता है। उसे पता होता है कि मुझे इतने घंटे में यह काम करना है। अतिरिक्त समय में भी वह कुछ न कुछ रचनात्मक करती रहती है। मां को सही ढंग से देखेंगे, तो आप विद्यार्थी के तौर पर समय प्रबंधन कर लेंगे। पीएम मोदी ने छात्रों को जीवन में सफल होने के लिए खास मंत्र भी दिया। आइए जानते हैं पीएम मोदी के संवाद की बड़ी बातें...
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Pariksha Pe Charcha 2023 - फोटो : @ani
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा 'परीक्षा पर चर्चा' मेरी भी परीक्षा है और देश के कोटि-कोटि विद्यार्थी मेरी परीक्षा ले रहे हैं... मुझे ये परीक्षा देने में आनंद आता है। परिवारों को अपने बच्चों से उम्मीदें होना स्वाभाविक है, लेकिन अगर यह सिर्फ सामाजिक स्थिति बनाए रखने के लिए है, तो यह खतरनाक हो जाता है।
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Pariksha Pe Charcha 2023 - फोटो : @ani
PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं वैसे भी जीवन में हमे समय के प्रबंधन  के प्रति जागरूक रहना चाहिए। काम का ढेर इसलिए हो जाता है क्योंकि समय पर उसे नहीं किया। काम करने की कभी थकान नहीं होती, काम करने से संतोष होता है। काम ना करने से थकान होती है कि इतना काम बचा है।

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Pariksha Pe Charcha 2023 - फोटो : @ani
पीएम ने छात्रों से कहा कि केवल परीक्षा के लिए ही नहीं हमें अपने जीवन में हर स्तर पर टाइम मैनेजमेंट को लेकर जागरूक रहना चाहिए। आप ऐसा स्लैब बनाइए कि जो आपको कम पसंद विषय है उसको पहले समय दीजिए... उसके बाद उस विषय को समय दीजिए जो आपको पसंद है।
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Pariksha Pe Charcha 2023 - फोटो : @ani
'परीक्षा पर चर्चा' में छात्रों से पीएम मोदी ने कहा कि भारत में लोग औसतन 6 घंटे स्क्रीन पर बिताते हैं। यही चिंता की बात है। जब ईश्वर ने हमें एक स्वतंत्र अस्तित्व और असीम क्षमता वाला व्यक्तित्व दिया है तो गैजेट के गुलाम क्यों बनें?
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Pariksha Pe Charcha 2023 - फोटो : @mygov

पीएम मोदी ने छात्रों से कहा कि पहले काम को समझिए... हमें भी जिस चीज की जरूरत है उसी पर फोकस करना चाहिए। अगर मुझे कुछ अचीव करना है तो मुझे स्पेसिफिक एरिया पर फोकस करना होगा... तभी परिणाम मिलेगा। हमें 'स्मार्टली हार्डवर्क' करना चाहिए, तभी अच्छे परिणाम मिलेंगे।

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जिस देश को सामान्य कहा जाता था वह दुनियाभर में चमक रहा

गुरुग्राम की जोविता पात्रा के सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, दो-तीन साल पहले हमारी सरकार के बारे में लिखा जाता था कि इनके पास कोई अर्थशास्त्री नहीं है। सब सामान्य हैं, पीएम को भी कुछ नहीं पता। जिस देश को सामान्य कहा जाता था, वह आज दुनिया में चमक रहा है।

नकल से कोई नहीं बन पाएगा आपकी जिंदगी की रुकावट  
बस्तर के रुपेश कश्यप व पुरी के तन्मय बिस्वाल ने नकल का सवाल किया। पीएम ने कहा, चोरी करने वाले खुद को चालाक समझते हैं। मूल्यों में यह बदलाव समाज के लिए घातक है। लेकिन, नकल कर कोई आपकी जिंदगी की रुकावट नहीं बन पाएगा।

यह मेरी भी परीक्षा...
पीएम ने कहा, ‘परीक्षा पे चर्चा’ मेरी भी परीक्षा है। हजारों-लाखों विद्यार्थी मेरी परीक्षा लेते हैं। इससे मुझे खुशी मिलती है। यह देखना मेरा सौभाग्य है कि मेरे देश के छात्रों का युवा मन क्या सोचता है। ये सवाल खजाने की तरह हैं।
 

सोशल मीडिया के लिए समय तय करें

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मुझे कोई बता रहा था कि भारत में एवरेज 6 घंटे लोग स्क्रीन पर लगाते हैं। पीएम ने घर में एक ‘प्रौद्योगिकी मुक्त क्षेत्र’ चिह्नित करने को  कहा। इससे जीवन का आनंद बढ़ेगा और आप गैजेट की गुलामी के चंगुल से बाहर आएंगे। मोबाइल फोन का इस्तेमाल कम करें। साथ ही, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी बातचीत के लिए एक समय तय करें। और उसमें से जो काम की चीज है, उस तक में सीमित रहें, तकनीक का इस्तेमाल अपनी जरूरत के मुताबिक करें।

चतुराई से करें कड़ी मेहनत

कन्जिकोड के तेजस ने हार्ड वर्क और स्मार्ट वर्क पर सवाल किया तो पीएम ने समझदार कौवे  की कहानी याद दिलाकर कठिन परिश्रम और चतुराई से किए काम के अंतर को समझाया। कहा, बड़े लक्ष्यों को हासिल करने और विशेष क्षेत्रों में काम करने के लिए स्मार्ट तरीके से कठिन परिश्रम करने की जरूरत होती है। कड़ी मेहनत से सबकुछ हासिल नहीं कर सकते। इसलिए व्यक्ति को चतुराई से कड़ी मेहनत करनी चाहिए। डू हार्ड वर्क स्मार्टली।
 

जब दिमाग तरोताजा हो, तब सबसे कम पसंद के विषय पढ़ें

पीएम ने कहा, जरूरी विषय बोझिल लगते हैं। आपको सिर्फ पढ़ना है, पढ़ने में भी जब दिमाग तरोताजा है, तब सबसे कम पसंद और कठिन विषयों को पढि़ए। फिर पसंद वाला, फिर थोड़ा कम पसंद वाला विषय। ऐसे आपको आराम मिलेगा और तैयारी भी होगी।
 

जोर जबरदस्ती नहीं, आराम से हल निकालना होगा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे पतंग उड़ाने का बहुत शौक था। पतंग का मांझा कभी उलझ जाता है। धीरे-धीरे पकड़कर उसे सुलझाना होता है और बड़ा गुच्छा भी आराम से सुलझ जाएगा। हमें भी जोर जबरदस्ती नहीं करनी चाहिए। आराम से हल निकालना है।
 

सोशल स्टेटस के चलते अपेक्षाएं चिंता का विषय

मदुरै के अश्विनी के खराब अंक आने पर परिवार की निराशा संबंधी सवाल पर पीएम मोदी ने कहा, सोशल स्टेटस का दबाव होता है कि समाज में कैसे बताएंगे कि बच्चा कैसा कर रहा है। कई बार बच्चे की क्षमता जानते हुए भी अभिभावक अपने सोशल स्टेटस और हीनभावना के कारण कई बातें बढ़ा-चढ़ाकर बता देते हैं। फिर घर में आकर बच्चों से यही अपेक्षाएं करते हैं।

दबाव के दबाव में न आएं, लक्ष्य पर रखें ध्यान

पटना की प्रियंका कुमारी के दबाव को झेलने संबंधी सवाल पर पीएम ने क्रिकेट का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा, दर्शक मैच में चिल्लाते हैं लेकिन क्रिकेटर अपने खेल पर ध्यान रखते हैं। खुद को एक खिलाड़ी समझें और बिना किसी दबाव के सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान रखिये। दबाव के दबाव में न आएं। 
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शिक्षकों को भी सीख...नहीं जानते जवाब तो बाद में दीजिए लेकिन टालिए मत

कटक से सुनन्या त्रिपाठी ने विषय को रोचक बनाने पर सवाल किया। पीएम मोदी ने शिक्षकों से कहा कि कोई छात्र सवाल पूछे, तो आपकी परीक्षा नहीं लेता। यह मानिए कि उसकी जिज्ञासा है, जो उसकी जिंदगी की अमानत है। जवाब नहीं जानते हैं, तो खुद ढूंढिये। फिर बताइए।
 
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