17 साल लंबी कानूनी लड़ाई के बाद 17 फरवरी 2020 को थलसेना में महिलाओं को बराबरी का हक मिलने का रास्ता साफ हो गया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद महिलाओं को स्थायी कमीशन नहीं दिया गया। 17 महिला अधिकारियों की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक महीने के भीतर महिला अधिकारियों को स्थायी कमीशन देने पर विचार करने और नियत प्रक्रिया का पालन करते हुए दो महीने के भीतर स्थायी कमीशन देने का आदेश दिया।
अब देश में महिलाएं अर्धसैनिक और सशस्त्र बलों में दमखम के साथ शामिल हो रही हैं। हाल ही में असम राइफल्स में तकरीबन 200 महिलाएं बतौर राइफल महिला शामिल हुईं हैं। अगली स्लाइड में जानिए कौन-कौन से खास देश हैं, जहां महिलाएं जांबाजी से बतौर सैनिक देश की सेवा में जुटी हुई हैं।