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Report: भारत के एक लाख से अधिक एकल-शिक्षक स्कूल, पिछले साल से हुए कम; यूपी में सबसे ज्यादा छात्र नामांकित

Sun, 12 Oct 2025 05:24 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Date: आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में भारत में 1,04,125 एकल-शिक्षक स्कूल थे, जो पिछले साल की तुलना में कम हैं। इन स्कूलों में कुल 33,76,769 छात्र नामांकित हैं, और सबसे अधिक छात्र उत्तर प्रदेश में पढ़ रहे हैं।
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Single-teacher Schools - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
Single-teacher Schools: देश भर में 33 लाख से अधिक छात्र एक लाख से अधिक एकल शिक्षक वाले स्कूलों में नामांकित हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश में ऐसे स्कूलों की संख्या सबसे अधिक है और उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक छात्र नामांकन हैं।

शिक्षा मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, शैक्षणिक वर्ष 2024-25 में भारत में 1,04,125 ऐसे स्कूल थे, और इन स्कूलों में कुल 33,76,769 छात्र पढ़ते थे। यानी हर स्कूल में औसतन लगभग 34 छात्र हैं।
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सांकेतिक तस्वीर (AI) - फोटो : freepik

यूपी में सबसे ज्यादा छात्र नामांकित

शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 प्राथमिक स्तर (कक्षा IV) पर छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) 30:1 और उच्च प्राथमिक स्तर (कक्षा VI-VIII) पर 35:1 का प्रावधान करता है।

देश में सबसे अधिक "एकल-शिक्षक" स्कूल आंध्र प्रदेश में हैं, इसके बाद उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, कर्नाटक और लक्षद्वीप का स्थान है।

हालांकि, जब एकल शिक्षक वाले स्कूलों में छात्र नामांकन की बात आती है, तो उत्तर प्रदेश सूची में सबसे ऊपर है, उसके बाद झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश का स्थान है।
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सांकेतिक तस्वीर (AI) - फोटो : freepik

पिछले साल से घटे एकल-शिक्षक विद्यालयों की संख्या

एकल-शिक्षक विद्यालयों की संख्या 2022-23 में 1,18,190 से घटकर 2023-24 में 1,10,971 हो गई है, जो लगभग छह प्रतिशत की गिरावट दर्ज करती है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सरकार स्कूलों के विलय और एकीकरण, जिसे अक्सर 'स्कूलों का युक्तिकरण' कहा जाता है, के माध्यम से सीखने के परिणामों में सुधार लाने और उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करने के मिशन पर है।"

अधिकारी ने कहा, "एकल शिक्षक वाले स्कूल शिक्षण प्रक्रिया में बाधा डालते हैं, इसलिए शिक्षकों की अधिकतम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए शून्य छात्र नामांकन वाले स्कूलों से एकल शिक्षक वाले स्कूलों में शिक्षकों को पुनः तैनात करने के प्रयास किए जा रहे हैं।"

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सांकेतिक तस्वीर (AI) - फोटो : freepik

एकल-शिक्षक स्कूलों का राज्यवार विवरण

आंध्र प्रदेश में 12,912, उत्तर प्रदेश में 9,508, झारखंड में 9,1720, महाराष्ट्र में 8,152, कर्नाटक में 7,349, लक्षद्वीप में 7,217, मध्य प्रदेश में 7,217, पश्चिम बंगाल में 6,482, राजस्थान में 6,117, छत्तीसगढ़ में 5,973 और तेलंगाना में (5,001) एकल-शिक्षक स्कूल हैं। दिल्ली में नौ एकल-शिक्षक स्कूल हैं।

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव और चंडीगढ़ में एक भी एकल-शिक्षक विद्यालय नहीं है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में केवल चार एकल-शिक्षक विद्यालय हैं।

एकल-शिक्षक विद्यालयों में छात्र नामांकन के मामले में, उत्तर प्रदेश 6,24,327 छात्रों के साथ सबसे आगे है, इसके बाद झारखंड में 4,36,480 छात्र, पश्चिम बंगाल में 2,35,494 छात्र, मध्य प्रदेश में 2,29,095 छात्र, कर्नाटक में 2,23,142 छात्र, आंध्र प्रदेश में 1,97,113 छात्र और राजस्थान में 1,72,071 छात्र हैं।
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सांकेतिक तस्वीर (AI) - फोटो : freepik

राज्यवार स्थिति (स्कूलों की संख्या)

  • आंध्र प्रदेश: 12,912
  • उत्तर प्रदेश: 9,508
  • झारखंड: 9,1720
  • महाराष्ट्र: 8,152
  • कर्नाटक: 7,349
  • लक्षद्वीप: 7,217
  • मध्य प्रदेश: 7,217
  • पश्चिम बंगाल: 6,482
  • राजस्थान: 6,117
  • छत्तीसगढ़: 5,973
  • तेलंगाना: 5,001
  • दिल्ली: 9
  • केंद्र शासित प्रदेशों (पुडुचेरी, लद्दाख, दादरा और नगर हवेली, दमन और दीव, चंडीगढ़): 0
  • अंडमान और निकोबार: 4

राज्यवार स्थिति (छात्र नामांकन)

  • उत्तर प्रदेश: 6,24,327
  • झारखंड: 4,36,480
  • पश्चिम बंगाल: 2,35,494
  • मध्य प्रदेश: 2,29,095
  • कर्नाटक: 2,23,142
  • आंध्र प्रदेश: 1,97,113
  • राजस्थान: 1,72,071
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- फोटो : Adobe Stock

कम नामांकन वाले क्षेत्र

जब प्रति स्कूल औसत छात्र नामांकन की बात आती है, तो चंडीगढ़ और दिल्ली में प्रति स्कूल छात्रों की संख्या सबसे अधिक है, जो क्रमशः 1,222 और 808 है।

दूसरी ओर, लद्दाख, मिजोरम, मेघालय और हिमाचल प्रदेश में प्रति स्कूल नामांकन काफी कम है, जो क्रमशः 59, 70, 73 और 82 है।

अधिकारी ने बताया, "प्रति स्कूल छात्रों की उच्च संख्या स्कूल के बुनियादी ढांचे के सर्वोत्तम उपयोग को दर्शाती है और सर्वोत्तम उपयोग सुनिश्चित करने के लिए कम नामांकन वाले स्कूलों को वर्तमान में विलय किया जा रहा है।"

औसत छात्र प्रति स्कूल (सबसे अधिक)

  • चंडीगढ़: 1,222
  • दिल्ली: 808

औसत छात्र प्रति स्कूल (सबसे कम)

  • लद्दाख: 59
  • मिजोरम: 70
  • मेघालय: 73
  • हिमाचल प्रदेश: 82
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