रेवंत रेड्डी
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इतिहास और संघर्षों का गवाह रहा है उस्मानिया विश्वविद्यालय
उस्मानिया विश्वविद्यालय की प्रमुखता पर प्रकाश डालते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, "विश्वविद्यालय की भूमि 1938 के सशस्त्र किसान संघर्ष के लिए एक प्रेरणा है। एस जयपाल रेड्डी, शिवराज पाटिल और पीवी नरसिम्हा राव, जिन्होंने देश को दुनिया में लोकप्रिय बनाया, विश्वविद्यालय के छात्र थे। विश्वविद्यालय तेलंगाना में संघर्षों के दौरान बहस का केंद्र भी रहा है क्योंकि यह संस्थान पढ़ाई के अलावा लड़ना भी सिखाता है। यह उस्मानिया विश्वविद्यालय ही था जिसने तेलंगाना आंदोलन को आगे बढ़ाया जब राजनीतिक नेताओं ने अपने हितों के लिए हार मान ती थी।"
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय को अनेक बुद्धिजीवियों को जन्म देने का श्रेय दिया जाता है।
उन्होंने कहा, "बीआरएस के 10 साल के शासन के दौरान, नेताओं ने विश्वविद्यालय को कमजोर करने की साजिश रची। सत्ता में आने के तुरंत बाद, पीपुल्स सरकार ने उस्मानिया विश्वविद्यालय के गौरव को पुनर्जीवित करने की योजना बनाई ।