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47 साल के हुए भारतीय क्रिकेट टीम के दादा, जानें कितने पढ़ें-लिखें हैं ये धुरंधर बल्लेबाज

Mon, 08 Jul 2019 02:55 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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एक दौर था जब पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की चर्चा हर किसी की जुबान पर थी। अपने करियर में गांगुली ने खुद को न केवल एक बेहतर बल्लेबाज के रूप में स्थापित किया बल्कि वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के सबसे महान कप्तानों में से एक हैं।
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आपको बता दें कि सौरव गांगुली इंडियन प्रीमियर लीग की संचालन परिषद के चार सदस्यों में से एक हैं। टूर्नामेंट के सभी कार्यों की जिम्मेदारी इन्हीं की देख-रेख में होती है। 2016 में गांगुली को सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियुक्त किया गया था। इसके साथ ही वे इंडियन प्रीमियर लीग के सदस्य भी हैं। 
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2000 में मैच फिक्सिंग और खराब स्वास्थ्य के कारण भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर ने अपना पद त्याग दिया था और खाली जगह पर गांगुली को भारतीय क्रिकेट टीम का कप्तान बनाया गया था। बता दें, गांगुली ने 2003 में हुए फाइनल विश्व कप में भारत का नेतृत्व किया, जहां वे ऑस्ट्रेलिया से हार गए थे। प्रदर्शन में कमी के कारण, उन्हें अगले वर्ष टीम से बाहर कर दिया गया।

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कैसे की अपने करियर की शुरुआत-
बचपन में स्कूल में या स्टेट लेवल पर खेल-खेल कर गांगुली ने खुद को ट्रेंड किया। गांगुली को अपना पहला ब्रेक तब मिला जब ये भारत के लिए इंग्लैंड में टेस्ट मैच खेलने गए। वहां उन्होंने 131 रन बनाकर टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली। उससे पहले वे रणजी और दलीत ट्रॉफी अपने नाम कर चुके थे। गांगुली को 2004 में भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्म श्री से सम्मानित किया गया था ।
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शिक्षा-
अगर शिक्षा की बात की जाए तो टीम इंडिया के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने सेंट जेवियर से ग्रेजुएशन की है।
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