आईआईएम संबलपुर की 10 साल में बड़ी उपलब्धियां
आईआईएम संबलपुर अब अपने दूसरे दशक में प्रवेश कर रहा है। संस्थान अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों को मजबूत करने और दुनिया में मान्यता प्राप्त, शीर्ष स्तर के प्रबंधन संस्थान बनने के अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। 10वीं वर्षगांठ के मौके पर निदेशक प्रोफेसर महादेव जायसवाल ने संस्थान की 10 महत्वपूर्ण उपलब्धियों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा, "पिछले 10 वर्षों में, आईआईएम संबलपुर ने देश के 21 आईआईएम के बीच अपना स्थान बनाया है, जिसमें रिकॉर्ड 2 वर्षों में निर्मित विश्व स्तरीय परिसर है, जिससे स्वीकृत बजट से 35 करोड़ रुपये की बचत हुई है। एनआईआरएफ 2025 रैंकिंग में, आईआईएम संबलपुर प्रबंधन संस्थानों में अपनी पिछली रैंकिंग 50 से 16 स्थान ऊपर चढ़कर 34वें स्थान पर पहुंच गया, जो कि वर्ष की रैंकिंग में सबसे ऊंची छलांगों में से एक है।"
वैश्विक मान्यता और छात्र सशक्तिकरण में किए उल्लेखनीय प्रयास
आईआईएम संबलपुर 2019 से अपने एमबीए बैचों में स्वस्थ लैंगिक विविधता हासिल करने और बनाए रखने के मामले में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहा है, वर्तमान दूसरे वर्ष के बैच में 76% छात्राएं हैं।
संस्थान "ट्रिपल क्राउन" अंतर्राष्ट्रीय मान्यता, साथ ही AACSB, BGA/AMBA, और EFMD/EQUIS सहित वैश्विक मान्यताएँ प्राप्त करने के अग्रिम चरण में है। मास्टर बुनकर प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत, IIM संबलपुर ने 80 मास्टर बुनकरों को प्रशिक्षित किया है। आज, ये बुनकर सशक्त हैं और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने उत्पादों को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर भारत सरकार के केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने चयनित विद्यार्थियों को एक-एक लाख रुपये का पुरस्कार दिया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "आईआईएम संबलपुर के गतिशील नेतृत्वकर्ता महादेव जायसवाल को में बधाई देता हूं, जिन्होंने इन 10 वर्षों में आईआईएम संबलपुर को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैं छात्रों को उनकी उपलब्धियों और ऐसे बहु-विषयक व्यक्तित्व विकसित करने के लिए बधाई देता हूं। अच्छे संस्थान नीरस नहीं होते; वे केस स्टडीज तैयार करते हैं, जैसे आईआईएम संबलपुर।"
बुनकर और छात्रों को किया सम्मानित
इसके अलावा, प्रधान ने इस क्षेत्र के कुशल बुनकरों को सशक्त बनाने की इस अनूठी पहल के लिए आईआईएम संबलपुर की प्रशंसा की। उन्होंने कुशल बुनकरों को उनकी भागीदारी के सम्मान में प्रमाण पत्र भी प्रदान किए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने आईआईएम संबलपुर से संबलपुर पर एक केस स्टडी तैयार करने का आग्रह किया, जिसमें इसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर प्रकाश डाला जाए।
रबी नारायण नाइक, मंत्री, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और पेयजल, सरकार। ओडिशा के सिद्धेश्वर बलिराम बोंदर, आईएएस, जिला मजिस्ट्रेट और कलेक्टर संबलपुर, हिमांशु कुमार तात, पुलिस महानिरीक्षक, संबलपुर; मुकेश कुमार भामू, पुलिस अधीक्षक, संबलपुर और संबलपुर नगर निगम आयुक्त रेहान खत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में एमबीए 2024-26 बैच के सर्वोच्च उपलब्धि प्राप्त करने वालों को सम्मानित किया गया और पुरस्कार प्रदान किए गए।