200 कॉलेजों में बनेगा डिफेंस टेक्नोलॉजी का टैलेंट पूल
पाठ्यक्रम इंजीनियरिंग छात्रों को वैमानिकी प्रणालियों, नौसेना प्रौद्योगिकी, हथियार प्रणाली, साइबर सुरक्षा आदि के आधार पर तैयार किया गया है। यह प्रोग्राम सशस्त्र बलों, डीआरडीओ और रक्षा विनिर्माण उद्योगों की आवश्यकताओं को पूरा करेगा। इसमें छात्रों को अंतः विषय शिक्षा और नवाचार का मौका भी मिलेगा। पढ़ाई और रोजगार के साथ देश सेवा में सहयोग देने का मौका भी मिलेगा।
सर्वश्रेष्ठ 200 कॉलेजों में डिफेंस टेक्नोलॉजी का टैलेंट पूल बनेगा : प्रो. सीताराम ने कहा, आत्मनिर्भर भारत, तेजी से बदलती तकनीक और भारत रक्षा क्षेत्र में बदलाव के दौर से गुजर रहा है, इसलिए ऐसे समय में रक्षा प्रौद्योगिकी में कुशल, नवोन्मेषी और युवाओं का पुल तैयार करना राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और स्वदेशी क्षमताओं को आगे बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है।