नीट पीजी काउंसलिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पंजीकरण के दौरान छोटी-सी गलती भी उम्मीदवार के लिए परेशानी खड़ी कर सकती है। अभ्यर्थियों को रजिस्ट्रेशन, दस्तावेज, चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट से जुड़ी कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े।
नीट पीजी काउंसलिंग के पहले राउंड के लिए पंजीकरण आज, 12 अक्तूबर 2026 से शुरू हो गया है। मेडिकल पीजी कोर्स में दाखिले की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह अहम चरण है। काउंसलिंग के दौरान केवल रजिस्ट्रेशन करना ही काफी नहीं होता। आवेदन में सही जानकारी भरना, जरूरी दस्तावेज तैयार रखना और कॉलेज व कोर्स की प्राथमिकताएं सावधानी से चुनना भी जरूरी है। कई बार उम्मीदवार जल्दबाजी में फॉर्म भर देते हैं या चॉइस फिलिंग के नियमों को ठीक से नहीं समझते। इससे उन्हें आगे परेशानी हो सकती है। इसलिए आवेदन करने से पहले कुछ जरूरी बातें समझ लेना बेहतर रहेगा।
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NEET PG Counselling 2026
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1. रजिस्ट्रेशन में गलत जानकारी भरने से बचें
काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करते समय उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी सावधानी से भरनी चाहिए। नाम, जन्मतिथि, रोल नंबर, नीट पीजी से संबंधित विवरण और अन्य जरूरी जानकारियों को डॉक्यूमेंट्स से मिलाकर भरें और ध्यान से चेक करें। फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियां दोबारा जरूर पढ़ लें।
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2. आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार न करें
काउंसलिंग में रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग के लिए निर्धारित समयसीमा का पालन करना जरूरी है। अंतिम तिथि पर वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक, भुगतान में देरी या तकनीकी समस्या जैसी दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते रजिस्ट्रेशन पूरा कर लेना चाहिए।
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3. जरूरी दस्तावेजों को तैयार और पास में ही रखें
रजिस्ट्रेशन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार कर लें। दस्तावेजों की कमी होने पर आवेदन या आगे की प्रवेश प्रक्रिया में परेशानी हो सकती है। पंजीकरण के दौरान आम तौर पर इन दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है:
नीट पीजी 2026 का स्कोरकार्ड और रैंक से संबंधित विवरण
एमबीबीएस की डिग्री या प्रोविजनल प्रमाणपत्र
इंटर्नशिप पूरी करने का प्रमाणपत्र
मान्य पहचान पत्र
निर्धारित प्रारूप में श्रेणी प्रमाणपत्र, यदि लागू हो
अन्य प्रमाणपत्र, जिनकी मांग आधिकारिक काउंसलिंग नियमों में की गई हो
सभी दस्तावेजों में नाम और दूसरी जानकारियां एक जैसी होनी चाहिए। दस्तावेजों की सूची उम्मीदवार की श्रेणी और संबंधित संस्थान के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए एमसीसी के आधिकारिक सूचना बुलेटिन को ध्यान से पढ़ें।
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4. चॉइस फिलिंग में जल्दबाजी न करें
रजिस्ट्रेशन के बाद उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कॉलेज और कोर्स चुनने होते हैं। इसे चॉइस फिलिंग कहा जाता है। इस चरण में भरी गई प्राथमिकताएं सीट आवंटन के लिए महत्वपूर्ण होती हैं। अधिक विकल्प भरना अपने आप में सीट मिलने की गारंटी नहीं है। सीट आवंटन रैंक, उपलब्ध सीटों, पात्रता, आरक्षण नियमों और भरे गए विकल्पों पर निर्भर करता है। चॉइस भरते समय इन बातों का ध्यान रखें:
कॉलेज और कोर्स का चयन अपनी रैंक, पात्रता और प्राथमिकताओं के अनुसार करें।
जिस कॉलेज में दाखिला लेने के इच्छुक नहीं हैं, उसे केवल अनुमान के आधार पर सूची में न जोड़ें।
कॉलेज की फीस, मान्यता, उपलब्ध सुविधाओं और संबंधित कोर्स की जानकारी जांच लें।
अपनी पसंद के विकल्पों को प्राथमिकता के सही क्रम में रखें।
चॉइस फिलिंग की अंतिम तारीख और लॉकिंग की समयसीमा अलग से नोट करें।
उम्मीदवारों को चॉइस फिलिंग के बाद यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनकी प्राथमिकताएं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लॉक हो गई हैं। केवल विकल्प भर देना काफी नहीं है। एमसीसी के जारी कार्यक्रम के अनुसार, पहले राउंड में चॉइस फिलिंग 13 से 22 अक्तूबर तक और चॉइस लॉकिंग की सुविधा 21 से 22 अक्तूबर 2026 तक निर्धारित है। अंतिम समय में किसी तकनीकी परेशानी से बचने के लिए प्रक्रिया पहले ही पूरी कर लें।
6. रजिस्ट्रेशन फीस और सिक्योरिटी डिपॉजिट की शर्तें समझें
काउंसलिंग में पंजीकरण के दौरान निर्धारित शुल्क जमा करना पड़ सकता है। भुगतान करने से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार लागू राशि, भुगतान का तरीका और रिफंड से जुड़े नियम पढ़ लें। यह भी समझें कि सीट मिलने के बाद कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करने या अगले राउंड में शामिल होने के निर्णय का क्या असर पड़ सकता है। कुछ परिस्थितियों में सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त होने का प्रावधान हो सकता है। यह नियम संबंधित राउंड और उम्मीदवार की स्थिति पर निर्भर करता है। इसलिए कोई भी निर्णय लेने से पहले आधिकारिक सूचना बुलेटिन देखें।
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7. सीट अलॉटमेंट के बाद रिपोर्टिंग की तारीख न चूकें
पहले राउंड का सीट आवंटन परिणाम 24 अक्तूबर 2026 को जारी होना है। इसके बाद आवंटित सीट पाने वाले उम्मीदवारों को तय समयसीमा के भीतर संबंधित कॉलेज में रिपोर्ट करना होगा। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार, रिपोर्टिंग की अवधि 26 अक्तूबर से 2 नवंबर 2026 तक है। सीट आवंटित होने के बाद ये काम करें:
सीट आवंटन पत्र डाउनलोड करें।
आवंटित कॉलेज की रिपोर्टिंग संबंधी शर्तें पढ़ें।
जरूरी मूल दस्तावेज और उनकी प्रतियां तैयार रखें।
निर्धारित समय में रिपोर्टिंग पूरी करें।
फीस और प्रवेश से जुड़ी बाकी औपचारिकताएं समय पर पूरी करें।
रिपोर्टिंग से पहले संबंधित कॉलेज के निर्देश भी चेक कर लें, क्योंकि दस्तावेजों और प्रवेश औपचारिकताओं की अतिरिक्त शर्तें हो सकती हैं।
8. ऑल इंडिया कोटा और स्टेट काउंसलिंग में भ्रम न रखें
नीट पीजी में दाखिले के लिए एमसीसी की काउंसलिंग और राज्यों की अपनी काउंसलिंग प्रक्रियाएं हो सकती हैं। दोनों की पात्रता, सीटों का दायरा, आवेदन पोर्टल और समयसीमा अलग हो सकती है। इसलिए उम्मीदवारों को यह समझना चाहिए कि वे किस काउंसलिंग प्रक्रिया के लिए आवेदन कर रहे हैं। राज्य कोटे की सीटों के लिए संबंधित राज्य के नियम और शेड्यूल भी चेक कर लें। एमसीसी की वेबसाइट पर पीजी मेडिकल काउंसलिंग और उसके शेड्यूल की जानकारी उपलब्ध है।