अरुणिमा सिन्हा
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Youth Day Arunima Sinha अरुणिमा सिन्हा
विश्व की सात महाद्वीपों की चोटी पर तिरंगा फहराने वाली एकमात्र दिव्यांग पर्वतारोही अरुणिमा सिन्हा की कहानी युवाओं के लिए किसी प्रेरणास्त्रोत से कम नहीं है। एक पैर कृत्रिम होने के बाद भी एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाली अरुणिमा सिन्हा ने एक हादसे में अपना पैर गंवा दिया था, लेकिन उनका हौंसला कम नहीं हुआ। उन्होंने इस घटना के दो साल बाद ही दुनिया की सबसे ऊंचे पर्वत को फतह कर लिया था। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया है।
वह कहती हैं कि जरूरी नहीं कि आप सबसे मजबूत हों, अपनी कमजोरी को अपनी मजबूती बना सकते हैं। बाज को ही देखिए, कैसे वह अपनी दूसरी जिंदगी के लिए खुद को मृत्यु जैसा कष्ट देकर नया जीवन पा लेता है ताकि अपने बलबूते दुनिया जी सके। अगर कोई भी बड़ा लक्ष्य पाना है तो छोटे-छोटे लक्ष्य तय करते जाइए। उन्हें हासिल करते जाइए, सफलता आपकी झोली में होगी।