अगर आप भी अपनी मार्कशीट और प्रमाण-पत्रों की बार-बार फोटोकॉपी और प्रिंटआउट से परेशान हो गए हैं तो नैड पर अकाउंट बना लीजिए। नैड यानी नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी आईडी सुविधा के बाद से विद्यार्थियों और नौकरी आवेदन के लिए युवाओं को अपने अकादमिक दस्तावेजों की सार-संभाल और बार-बार फोटोकॉपी कराने की झंझट लगभग खत्म सी हो गई है।
अक्सर उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्र या नौकरी खोजने वाले अभ्यर्थी को अपने अकादमिक दस्तावेजों की लगातार जरूरत पड़ती रहती है। ऐसे में कागजी प्रारूप में इन दस्तावेजों को सहेजने का काम बेहद सावधानी से करना पड़ता है। इन दस्तावेजों के खो जाने पर इन्हें दोबारा प्राप्त करना भी एक मुश्किल काम है। ऐसे में नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (नैड) आपके लिए मददगार साबित हो सकता है। इसे 2017 में तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्रालय (अब- केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय) द्वारा शुरू किया गया था।