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Mulayam Singh Yadav Death: पॉलिटिक्स में एंट्री से पहले शिक्षक थे मुलायम, जानें कितना पढ़े-लिखे थे

Mon, 10 Oct 2022 06:02 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

मुलायम सिंह यादव ने जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद तीन बार (1989 से 1991, 1993 से 1995 और 2003 से 2007) संभाला था। 
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mulayam singh yadav - फोटो : Social Media
समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आज सोमवार 10 अक्तूबर , 2022 को निधन हो गया है। उन्होंने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में आखिरी सांसे लीं। देश की राजनीति के प्रमुख चेहरों में से एक मुलायम सिंह यादव के स्वास्थ्य के लिए लोग दुआएं मांग रहे थे। अपने जीवन में उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के रक्षा मंत्री का कार्यभार संभाला था। हालांकि, यह बात जानकर आपको भी आश्चर्य होगा कि राजनीति में आने से पहले मुलायम सिंह यादव शिक्षक हुआ करते थे। आइए जानते हैं उनकी शिक्षा आदि के बारे में सब कुछ...
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mulayam singh yadav - फोटो : Social Media
कितना पढ़े-लिखे थे मुलायम?
मुलायम सिंह यादव का जन्म 22 नवंबर 1939 को उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के सैफई में हुआ था। मुलायम की शिक्षा राज्य के हीं इटावा, फतेहाबाद और आगरा से हुई है। मुलायम सिंह यादव ने करहल (मैनपुरी) के जैन इन्टर कालेज से पढ़ाई की है। उन्होंने बीटी (बैचलर ऑफ टीचिंग) और बीए की डिग्री प्राप्त की थी। उन्होंने  उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से राजनीति शास्त्र में एमए भी किया है।
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मुलायम सिंह यादव - फोटो : Social Media
शिक्षक हुआ करते थे मुलायम
राजनीति में आने से पूर्व मुलायम सिंह यादव बतौर शिक्षक अध्यापन का कार्य करते थे। उन्होंने अपना शैक्षणिक करियर करहल क्षेत्र के जैन इंटर कॉलेज से शुरू किया था। दरअसल 1955 में मुलायम सिंह यादव ने जैन इंटर कॉलेज में कक्षा नौ में प्रवेश लिया था। यहां से 1959 में इंटर करने के बाद 1963 में यही सहायक अध्यापक के तौर पर अध्यापन का कार्य शुरू कर दिया था। जानकार बताते हैं कि उस दौर में उन्हें 120 रुपए मासिक वेतन मिलता था। उन्होंने हाई स्कूल में हिंदी और इंटर में सामाजिक विज्ञान पढ़ाया। 

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mulayam singh yadav - फोटो : Social Media
बच्चों के फेवरेट थे मुलायम
जानकार बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव के पढ़ाने का अंदाज काफी अलग और रोचक था।  वे किसी शिक्षक की तरह रटा- रटाया पाठ बच्चों को नहीं पढ़ाते थे। वे विषय मे रोचकता लाने में माहिर थे। वह बच्चों की पिटाई के सख्त विरोधी थे। वे मानते थे कि बच्चों को मारने से उनकी बुद्धि का कौशल विकास रुक जाता है। 
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सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव - फोटो : amar ujala
राजनीति में सुनहरा रहा करियर
मुलायम सिंह यादव ने 1960 के करीब राजनीति में प्रवेश किया था। उन्होंने लोहिया आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। 1992 में उन्होंने समाजवादी पार्टी का गठन किया था। उन्होंने जनसंख्या के लिहाज से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद तीन बार (1989 से 1991, 1993 से 1995 और 2003 से 2007) संभाला था। साल 1996 से 1998 तक मुलायम सिंह यादव ने देश के रक्षा मंत्री का भी पद संभाला था।
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