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Makar Sankranti: पतंग उड़ाते हैं तो जानें कानूनी नियम, नहीं तो लगेगा लाखों का जुर्माना और दो साल जेल भी

Sat, 14 Jan 2023 04:52 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Makar Sankranti 2023 Patang Bazi Banned in Aircraft Act 1934: बच्चे हो या युवा या फिर बुजुर्ग हर कोई अपने घर की छतों पर इन दिनों पतंग बाजी में मशगूल नजर आते हैं। लेकिन कहीं ये पतंग बाजी आपको या आपके परिवार के सदस्यों और दोस्तों को महंगी न पड़ जाए, इसका आपको विशेष ध्यान रखना होगा। अगर आपको पतंग बाजी का शौक है और उससे जुड़े कानूनी नियम नहीं पता तो जल्दी से हमारी यह खबर जरूर पढ़ लीजिए और दूसरों को भी पढ़ाएं। 
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kite - फोटो : social media
Makar Sankranti Indian Aircraft Act 1934 Kite Flying: इन दिनों आसमान रंग-बिरंगा नजर आता है। क्योंकि, मकर संक्रांति आ गई है और आसमान में सैकड़ों रंग-बिरंगी पतंगें उड़ती नजर आने लगी हैं। बच्चे हो या युवा या फिर बुजुर्ग हर कोई अपने घर की छतों पर इन दिनों पतंग बाजी में मशगूल नजर आते हैं। लेकिन कहीं ये पतंग बाजी आपको या आपके परिवार के सदस्यों और दोस्तों को महंगी न पड़ जाए, इसका आपको विशेष ध्यान रखना होगा। अगर आपको पतंग बाजी का शौक है और उससे जुड़े कानूनी नियम नहीं पता तो जल्दी से हमारी यह खबर जरूर पढ़ लीजिए और दूसरों को भी पढ़ाएं।   
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kite festival

Makar Sankranti मनमर्जी से पतंग बाजी पहुंचाएगी सलाखों के पीछे

नीले आसमान के तले, मन के बादलों को ऊंचाइयों पर ले जाने वाली रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाना किसे अच्छा नहीं लगता। लेकिन मनमर्जी से पतंग उड़ाना आपको सलाखों के पीछे पहुंचा सकता है और आप पर लाखों रुपये का जुर्माना भी लग सकता है। मकर संक्रांति के दिन भी इस की छूट नहीं है। शायद आपको मालूम न हो, लेकिन हमारे देश में पतंग बाजी करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि दो साल की सजा और 10 लाख रुपये का जुर्माने का प्रावधान भी है। दरअसल, इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट 1934  के तहत देश में पतंग और गुब्बारे आदि उड़ाने पर प्रतिबंध है।  

 

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jaipur kite festival - फोटो : Amar Ujala

Kite Festival दो साल तक की जेल और जुर्माना दोनों दंड साथ 

1934 के इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 11 में कहा गया है कि जो कोई भी जानबूझकर एक विमान या पतंग को इस तरह से उड़ाता है जिससे किसी व्यक्ति को या जमीन या पानी या हवा में किसी भी संपत्ति को खतरा हो, उसे एक वर्ष की अवधि के लिए कारावास दिया जा सकता है। गंभीर हादसे की स्थिति में इसे एक साल और बढ़ा सकते हैं। यानी दो साल तक की जेल। वहीं, जुर्माना 10 लाख रुपये तक हो सकता है। या फिर सजा और जुर्माना दोनों दंड साथ में दिए जा सकते हैं। 

 

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Kite Festival, Gujrat - फोटो : Pixabay

Kite Fyling 2008 में किया गया था कानून में संशोधन

इस कानून पर अक्सर सवाल उठते हैं। इसे 2008 में कारावास की अवधि और जुर्माना राशि में बढ़ोतरी के साथ संशोधित किया गया बरकरार रखा गया था। लेकिन इसे बदला क्यों नहीं गया या निरस्त क्यों नहीं किया गया? यह अब भी बहस का विषय है। इंडियन एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 के अनुसार, एक विमान की श्रेणी में उड़ने वाली कोई भी मशीन या उपकरण, इनमें फिक्स्ड और फ्री गुब्बारे, ग्लाइडर, पतंग, एयरशिप और फ्लाइंग मशीन, ड्रोन और लालटेन भी शामिल हैं।

 

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kite festival

Patang Bazi लाइसेंस यानी पूर्वानुमति का प्रावधान

हालांकि, पतंग बाजी के शौकीन लोगों के लिए लाइसेंस यानी पूर्वानुमति का प्रावधान भी किया गया है। लेकिन बिना लाइसेंस के पतंग या गुब्बारे उड़ाने की अनुमति नहीं है। वहीं, लाइसेंस लेने को लेकर भी थोड़ी उलझन है। क्योंकि कुछ राज्यों और शहरों में लाइसेंस पुलिस थाने से लेना होता तो कुछ जगह भारतीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से। इसलिए, जब भी कोई पतंग महोत्सव, बैलून फेस्टिवल, हॉट एयर बैलून फेस्टिवल, ड्रोन और ग्लाइडर उड़ाने से जुड़े कार्यक्रम होते हैं तो इसके लिए पुलिस, प्रशासन और भारतीय नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से भी अनुमति लेनी होती है।
 
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