lal bahadur shastri
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चूंकि नेतृत्व लाल बहादुर शास्त्री कर रहे थे इसलिए जवाबदेही भी उन्हीं की थी। युद्ध के दौरान देश में अनाज की कमी हो गई थी। एक तरफ तो भुखमरी के कारण लोगों की जान जाने का डर और दूसरी तरफ देश का स्वाभिमान था। ऐसे में शास्त्री जी ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने लोगों के मन में उनके प्रति मान बढ़ा दिया। उन दिनों उन्होंने अपनी तनख्वाह उठानी बंद कर दी और अपना खर्च बचाने के लिए अपना काम खुद करने लगे।