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इंजीनियरिंग के लिए विकल्प ज्यादा
मसलन, किसी स्कूल साइंस स्ट्रीम के लिए बायोलॉजी, मैथेमेटिक्स, एग्रीकल्चर, केमिस्ट्री और फिजिक्स आदि पांच विषय हैं, तो छात्र को इन्हीं में से तीन चुनने होंगे। डॉ रंजीत सिंह बताते हैं कि जो छात्र मेडिकल एजुकेशन के लिए नीट क्वालीफाई करना चाहते हैं तो वे बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिजिक्स आदि तीन विषय पढ़ते रहे हैं। वही, जो छात्र इंजीनियरिंग में जाना चाहते हैं तो उन्हें सामान्य तौर पर मैथेमेटिक्स, केमिस्ट्री और फिजिक्स आदि विषय पढ़ने होते हैं। एग्रीकल्चर के लिए ज्योग्रॉफी और केमिस्ट्री अच्छा विकल्प है। हालांकि, अब कुछ स्कूल में आईटी या कंप्यूटर साइंस, फिजिकल एजुकेशन, एंटरप्रैन्योरशिप और ज्योग्रॉफी जैसे विषयों में से एक चुनने का ऑप्शन भी मिलता है। विषय चुनते समय छात्र को ध्यान रखना होगा कि संबंधित स्कूल में उस विषय की क्लास, छात्र द्वारा चुने गए अन्य वैकल्पिक विषय की क्लास से न टकराए।