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उत्तर प्रदेश की बेटी ने 35 हजार में शुरू किया ये काम, आज कमा रही हैं करोड़ों रुपये, ये थी योजना

Sat, 05 Oct 2019 03:03 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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rachna bawa - फोटो : social media
सपने सब देखते हैं पर उन्हें सच कर दिखाने का ज्जबा और एक सही योजना किसी-किसी के पास होती है। छोटे से शहर से निकलकर बड़ी ऊंचाईयों तक पहुंचना मुश्किल है पर मुमकिन नहीं। यहां हम बात कर रहे हैं उत्तर प्रदेश की रचना बावा की। ये एक सफल और प्रसिद्ध डिजाइनर हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में सबकुछ... 
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rachna bawa - फोटो : social media
रचना उत्तर प्रदेश के छोटे से शहर बुलंदशहर की हैं। बचपन से ही इनकी फैशन में बेहद रुचि थी। अपने कपड़ों को खुद डिजाइन करके पहनना, इन्हें बहुत अच्छा लगता था। आस-पास रहने वाले लोग इनके आउटफीट्स की बहुत तारीफ करते थे। तभी इन्हें फैशन डिजाइनर बनने का ख्याल आया। सस्ते कपड़ों को खरीदना, उस पर अपनी कला का प्रदर्शन करना और फिर उस ड्रेस में दर्जी से सिलाई करवाना, ये थी इनकी शुरुआत।

रचना ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) से कंप्यूटर एडेड डिजाइन यानी सीएडी में कोर्स किया और उसके बाद वे दिल्ली के एक्सपोर्ट हाउस का हिस्सा बन गईं। 
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rachna bawa - फोटो : social media
चलते हैं उस समय में जब उन्होंने काम सीखना शुरू किया-
नाइंटीज का वो दौर था। उस वक्त उनकी सैलरी 4,500 रुपये थी। उन्हें चार हजार रुपये पर रखा गया था पर बाद में उनका अच्छा प्रदर्शन देखकर सैलरी बढ़ा दी गई। एक बेहतर योजना बनाने के लिए उन्हें चार साल लगे। इसी दौरान इन्होंने स्कार्फ और स्टोल के सेटअप पर काम किया। पर वह कुछ अपना शुरू करना चाहती थीं।

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rachna bawa - फोटो : social media
उन्होंने एक पीजी में अपने कलेक्शन की शुरुआत की, जिसमें उन्होंने 35,000 रुपये इंवेस्ट किए। उन्होंने अपने साथ कुछ कारीगर भी जोड़े। उसके बाद ऑर्डर मिलने शुरू हो गए। 2004 में उन्होंने एक कंपनी के रूप में अपने कलेक्शन की दिल्ली में शुरुआत की। जल्द ही हेरिटेज और ईस्ट इंडिया कंपनी जैसे बड़े बुटीक उनके साथ जुड़ गईं।

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सूत्रों के मुताबिक हर पीस 80 डॉलर से 400 डॉलर के तक बिकता है। अब टीम सौ लोगों की है। आज रचना द्वारा शरू किया गया कलेक्शन कनाडा और अमेरिका के अलावा यूके, यूरोप, जापान, कोरिया, हांगकांग और चीन में भी मौजूद है।

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