रामजल मीणा
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रामजल ने बताया कि अब जब वह जेएनयू की प्रवेश परीक्षा पास कर चुके हैं, उन्हें वहीं गार्ड की नौकरी करते हुए क्लास करने की अनुमति मिल गई है। तैयारी के बारे में रामजल कहते हैं कि रोजाना 8 से 10 घंटे की ड्यूटी के दौरान वह अपने साथ किताबें भी रखते थे। बीच-बीच में समय निकालकर वह पढ़ा करते थे। उनकी लगन देख यूनिवर्सिटी के कुछ प्रोफेसर और स्टूडेंट्स भी उन्हें प्रोत्साहित करने लगे। उनके प्रोत्साहन से रामजल के ईरादों को और मजबूती मिली और उन्होंने प्रवेश के लिए आवेदन कर दिया। परीक्षा दी और मेरिट लिस्ट में अपना नाम देख कर उन्हें बेहद खुशी मिली।