रविवार को हुई जेईई एडवांस परीक्षा के बाद विशेषज्ञों ने आईआईटी की सीट के क्वालिफाइंग मार्क्स पर आंकलन किया है।
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डेमो
- फोटो : डेमो
इस साल आईआईटी में 126 अंकों तक सीट मिल सकती है। इसके पीछे मुख्य वजह यह भी बताई जा रही है कि इस साल करीब 60 हजार कम अभ्यर्थियों ने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक जो अभ्यर्थी आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में दोनों प्रश्न पत्रों में कुल मिलाकर 50 प्रतिशत या इससे अधिक अंक ले आएगा, उसके लिए आईआईटी में अच्छी ब्रांच में एडमिशन की राह आसान होगी।
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आईआईटी, रुड़की
- फोटो : source
परीक्षा में सामान्य अभ्यर्थी को प्रत्येक विषय में कम से कम दस प्रतिशत अंक लाने होंगे। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थी को कुल मिलाकर 35 प्रतिशत अंक लाने जरूरी हैं। ओबीसी के अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय में कम से कम नौ प्रतिशत और कुल 31.5 प्रतिशत अंक लाने होंगे। एससी, एसटी अभ्यर्थियों को प्रत्येक विषय में कम से कम पांच प्रतिशत और कुल 17.5 अंक लाने अनिवार्य होंगे। परीक्षा विशेषज्ञ एवं बलूनी क्लासेज के एमडी विपिन बलूनी के मुताबिक यह आईआईटी का पासिंग क्राइटेरिया है।
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आईआईटी कानपुर
इससे ऊपर अंक लाने वालों को मेरिट के हिसाब से आईआईटी की काउंसिलिंग में मौका मिलेगा। उन्होंने बताया कि 22 मई को ऑप्टिल रिस्पांस शीट सभी अभ्यर्थियों को मिल जाएगी। इसके बाद 29 मई को इस परीक्षा की आंसर की जारी होगी। इसके आधार पर आईआईटी की ओर से कॉमन मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। मेरिट में आने वाले छात्रों को ही आईआईटी में दाखिले के लिए मौका मिलेगा।
परीक्षा विशेषज्ञ एवं अविरल क्लासेज के निदेशक डीके मिश्रा के मुताबिक आईआईटी में क्वालिफाई और अच्छे अंक लाने के बाद अभ्यर्थियों के बीच अच्छी आईआईटी में अच्छी ब्रांच को लेकर काफी कड़ा मुकाबला होता है। 360 अंकों की इस परीक्षा में जो छात्र 180 या ज्यादा अंक ले आएगा उसके लिए अच्छे आईआईटी की राह खुल जाएगी। संभव है कि उसे मन मुताबिक अच्छी ब्रांच भी मिल जाए। इस बार भी चूंकि अभ्यर्थियों की संख्या कम है, इसलिए आईआईटी अपनी कटऑफ डाउन भी कर सकता है। वैसे 126 अंकों तक सीट मिलने की पूरी संभावना है।