जैनेंद्र ने बताया कि जज बनने के पीछे दो वजहें थी। पहला यह मेरे परिवार का सपना था कि ये अधिकारी का पद हासिल करें और दूसरा यह कि भारत की न्यायिक प्रक्रिया से जुड़कर उसमें अपना पूरा योगदान देना चाहते थे। इसके अलावा इन्होंने बताया कि उद्देश्य के साथ उ.प्र.उच्चतर न्यायिक सेवा परीक्षा की तैयारी की और न्यायिक सेवा का पद हासिल किया।
परीक्षा की रणनीति में सबसे जरूरी होता है परीक्षा का सारगर्भित अध्ययन और परीक्षा संबंधी नोट्स तैयार करना। इसके अलावा परीक्षार्थियों को ध्यान रखना चाहिए कि वे परीक्षा के दौरान अपने द्वारा बनाए गए नोट्स का रिवीजन करते रहें एवं लोगों से चर्चा और परिचर्चा कर अपनी समझ विकसित करते रहें। प्रतिदिन अखबार पढ़ने को दिनचर्या में सम्मलित करना बेहद जरूरी है।
जैनेंद्र पांडे (ADJ- अपर जिला जज)
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