पूरा देश निर्भया के दोषियों के फांसी पर चढ़ने का इंतजार कर रहा है। बचने के लिए दोषियों ने कई बार याचिकाएं लगाईं, लेकिन अदालत हो या राष्ट्रपति, हर बार उनकी याचिका खारिज की गई। अदालत द्वारा दूसरी बार जारी किए गए डेथ वारंट के अनुसार, चारों दोषियों को 01 फरवरी 2020 की सुबह फांसी दी जाएगी। इसके लिए जेल प्रशासन ने भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में जेल प्रशासन ने डमी बनाकर फांसी देने का ट्रायल भी किया था।
इसी बीच नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू), दिल्ली ने एक प्रोजेक्ट के तहत भारत में सजा-ए-मौत यानी फांसी की सजा को लेकर कुछ आंकड़े जारी किए हैं। जिसमें कई खुलासे किए गए हैं। इनके बारे में आगे पढ़ें।