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चक्रवात ताउते : जानिए क्या हैं बार्ज और किस काम आते हैं? बॉम्बे हाई में क्यों जमे थे सैकड़ों लोग

Thu, 20 May 2021 07:37 AM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

लेकिन इनके सबके बीच यह जानना जरूरी है कि बार्ज क्या हैं। क्या काम आते हैं?  कैसे बॉम्बे हाई क्षेत्र में तैनात बार्ज पर सैकड़ों लोग फंसे रहे? कई दिन पहले से लगातार जारी की गई चेतावनियों के बावजूद ऐसा कैसे हुआ और क्यों इसे नजरअंदाज कर सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाली गई?  
 
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बार्ज पी-305 - फोटो : सोशल मीडिया
चक्रवात ताउते तो अब कमजोर पड़ गया लेकिन अपने पीछे तबाही का एक ऐसा मंजर छोड़ गया है जिसकी भरपाई में एक अरसा लग जाएगा। सैकड़ों मकान तहस-नहस हो गए, पेड़-पौधे उखड़ गए हैं। कई लोगों की जान जा चुकी है। हजारों लोग बेघर हुए हैं। इनके राहत और पुनर्वास कार्य भी शुरू हो चुके हैं। लेकिन इन सबके बीच, जो बात सबसे ज्यादा चर्चा के केंद्र में रही है, वह है बार्ज।
ताउते तूफान के तांडव के बीच मुंबई से 175 किलोमीटर दूर समुद्र में फंसे 4 जहाजों पर सवार 713 लोगों में से 620 लोगों को रेस्क्यू कर लिया गया है। इनमें बार्ज पी-305 पर फंसे 273 लोगों में से बचाए गए 186 लोग भी शामिल हैं। नौसेना और तटरक्षक बल के जवानों ने 26 लोगों के शव बरामद किए हैं। जबकि 81 लोग अब भी लापता हैं, जिन्हें बचाने के लिए राहत व तलाश अभियान जारी है। 
लेकिन इनके सबके बीच यह जानना जरूरी है कि बार्ज क्या हैं। क्या काम आते हैं?  कैसे बॉम्बे हाई क्षेत्र में तैनात बार्ज पर सैकड़ों लोग फंसे रहे? कई दिन पहले से लगातार जारी की गई चेतावनियों के बावजूद ऐसा कैसे हुआ और क्यों इसे नजरअंदाज कर सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डाली गई?  
 
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बार्ज PAPAA 305 - फोटो : सोशल मीडिया
बार्ज क्या है और क्या यह सामान्य जहाज से अलग है?
दरअसल, बार्ज एक सपाट तल वाली नाव होती है, जिसे विशेष रूप से नदी और नहर परिवहन में भारी माल की ढुलाई के लिए बनाया गया है। इन दिनों बार्ज का उपयोग वास्तव में थोक वस्तुओं के परिवहन के लिए किया जाता है, क्योंकि बार्ज द्वारा माल ढोने की लागत सस्ती होती है। यह सामान्य जहाज से अलग होते हैं। 
 
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ओएनजीसी अपतटीय बॉम्बे हाई फील्ड - फोटो : ओएनजीसी
लोगों की क्वार्टर के काम आते हैं बार्ज
बता दें कि अरब सागर में बॉम्बे हाई फील्ड नामक एक तेल संयंत्र हैं। इसका प्रबंधन और संचालन सरकारी कंपनी तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) करती है। बॉम्बे हाई फील्ड के मामले में बात करें तो यहां बार्ज को ओएनजीसी के कई अपतटीय रिगों पर काम करने वाले लोगों के लिए रहने वाले क्वार्टर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। बॉम्बे हाई फील्ड में ज्यादातर बार्ज बिना इंजन वाले होते है और इन्हें लंगर डालकर टगबोट की सहायता से स्थानांतरित करना पड़ता है। 
 

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Barge Rescue Operation by Coast Guard - फोटो : ICG
मुंबई में क्या हुआ था?
चक्रवाती तूफान ताउते के टकराने से ठीक पहले समुद्र की लहरें तेज होने के कारण, पश्चिमी तट से चार बार्ज बह गए। तटरक्षक बल और नौसेना ने मुंबई तट पर ओएनजीसी के अपतटीय अभियानों की सेवा करने वाले एक बार्ज से 146 लोगों को बचाया। सैकड़ों श्रमिकों के साथ मुंबई तट से दूर अन्य स्थानों पर बहने वाले तीन अन्य जहाजों ने भी संकट के संकेत भेजकर मदद मांगी थी। मंगलवार को जब मौसम थोड़ा साफ हुआ उसके बाद हेलीकाप्टरों को भी बचाव सेवा में लगाया जा सका। इन चार जहाजों में अनुमानित 800 लोग सवार थे, लेकिन तब तक कोई सटीक गिनती नहीं थी।
 
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Barge Recue Operation by Navy - फोटो : navy
क्या अधिकारियों को सूचना नहीं दी गई?
ऐसा भी नहीं है कि चक्रवात की लहरें अचानक आईं हों। तूफान को लेकर पूर्व सूचना थी। आईएमडी ने पांच दिन पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी। एनडीआरएफ ने प्रत्येक राज्य के लिए पांच अलग-अलग टीमों को भी तैनात किया था। इन सबके बावजूद, 800 से अधिक लोगों को जोखिम में कैसे डाल दी गई? यह गंभीर जांच का विषय है।  
 
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Barge Rescue Operation by Coast Guard - फोटो : ICG
तटरक्षक बल ने भी चेताया था 
भारतीय तटरक्षक बल ने पिछले बुधवार को ही समुद्री नाविकों, जहाजरानी नौकाओं और तट के मछुआरों को चक्रवात के कारण समुद्र में न जाने की चेतावनी जारी कर दी थी। आईसीजी के प्रवक्ता, कमांडेंट आरके सिंह ने कहा था कि एक पूर्ववर्ती तैयारी उपाय करते हुए तटरक्षक बल ने महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, केरल और लक्षद्वीप द्वीप समूह के अपने तटीय जिला कमांडरों को सामान्य रूप से समुद्र में नाविकों और विशेष रूप से मछली पकड़ने वाली नौकाओं को चंक्रवात के कारण खराब मौसम की चेतावनी देते हुए निकटतम बंदरगाह या किनारे में शरण लेने का निर्देश दिया था। 
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