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Children's day 2020: 14 नवंबर और उससे पहले 20 नवंबर को क्यों मनाया जाता था यह खास दिन? जानें वजह

Sat, 14 Nov 2020 03:09 AM IST
शुभांगी गुप्ता एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
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Children's Day 2020
इस बार दिवाली और बाल दिवस एक ही दिन है। देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्म 14 नवंबर 1889 को इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश में हुआ था। एक विद्वान भारतीय, महान स्वतंत्रा सेनानी और अपनी नई आधुनिक दृष्टि से आधुनिक भारत का निर्माण करने वाले पंडित नेहरू को बच्चों और गुलाब के फूल से विशेष प्रेम था। देशभर के बच्चे उन्हें चाचा नेहरू के रूप में संबोधित करते थे। ये तो हम सभी जानते हैं कि पंडित नेहरू का जन्मदिन देशभर में बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। पर क्या आप ये जानते हैं कि पहले कभी 20 नवंबर को ये दिन मनाया जाता था। आखिर क्या थी वजह, जिस कारण बदलनी पड़ी ये तिथि। पढ़ें आगे... 
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  • बाल दिवस 1925 से मनाया जा रहा है। पर पूरी दुनिया में इसे 1953 में मान्यता मिली। 
  • उस वक्त 20 नवंबर को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा बाल दिवस के रूप में घोषित किया गया। 
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पहले भारत में भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता था। पर 27 मई, 1964 को जब जवाहरलाल नेहरू का निधन हुआ तब ये निर्णय लिया गया कि अब नेहरू के जन्मदिवस पर ये बाल दिवस मनाया जाएगा। और इस बात को पूरे देश ने स्वीकारा भी। शिक्षा के क्षेत्र में नेहरू ने अनेकों काम किए।

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  • कुछ देशों में 1 जून को बाल दिवस मनाया जाता है। 
  • आज के दिन स्कूलों में अनेक प्रतियोगिताएं और खेलों का आयोजन किया जाता है। 
  • 14 नवंबर 1889 को जन्में जवाहरलाल नेहरू ने आजादी में एक अहम योग्यदान दिया। महात्मा के संरक्षण में न केवल काम किया बल्कि आखिरी वक्त तक उनका साथ नहीं छोड़ा।
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गांधी के आखिरी अनशन के वक्त जवाहरलाल नेहरू देश को प्रधानमंत्री के रूप में संबोधित कर रहे थे। वह अनशन पाकिस्तान को उनका कर देने के लिए रखा गया था जो भारत पर था। उस दौरान नेहरू ने देश को संभालते हुए गांधी जी का न केवल साथ दिया बल्कि अपनी महानता का परचम भी लहराया। 
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