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कांग्रेस महासचिव ने कहा कि देश भर में कोविड-19 के एक लाख से अधिक मामले रोजाना सामने आ रहे हैं। ऐसे में, लाखों अभिभावकों ने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बीच बच्चों के परीक्षाओं में शामिल होने पर संक्रमण की चपेट में आने की आशंका व्यक्त की है। इस तरीके से छात्र महामारी से बुरी तरह से प्रभावित हो सकते हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आशंका वाजिब है क्योंकि जानलेवा महामारी के साये में परीक्षा देना बच्चों में अनावश्यक तनाव पैदा करेगा। इससे विद्यार्थियों की परीक्षा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की क्षमता पर भी असर पड़ेगा। पत्र में प्रियंका ने कहा, वे सही मायने में मौजूदा परिस्थितियों में परीक्षा रद्द करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने लिखा, मुझे उम्मीद है कि सरकार स्कूल, छात्रों और उनके माता-पिता के साथ संवाद कायम करेगी, ताकि उनके शैक्षणिक दायित्वों को पूरा करने के प्रति उनके लिए एक सुरक्षित रास्ता निकल सके।