Book Reading Habit: अगर आप चाहते हैं कि आपको किताबें पढ़ने के लिए समय मिले, तो आपको डिजिटल भटकावों में कटौती करनी होगी। कुछ तरीके हैं, जिनकी मदद से आप अपनी पढ़ने की आदत (रीडिंग हैबिट) को आसान बना सकते हैं। नीचे जानिए...
Harvard Business Review: किताबें सिर्फ ज्ञान नहीं, जीने का हुनर भी देती हैं। फिर भी अधिकांश लोग यह शिकायत करते हैं कि उनके पास किताबें पढ़ने का समय नहीं है। सच्चाई यह है कि उनके पास वक्त तो होता है, लेकिन उसे खर्च गलत जगह कर रहे होते हैं। हर दिन आप कितनी बार मोबाइल, ई-मेल, नोटिफिकेशन, न्यूज अलर्ट या मैसेज पढ़ते हैं? यह सब मिलाकर आप हजारों शब्द पढ़ लेते हैं, लेकिन किताब पढ़ने के लिए वक्त की कमी का हवाला देते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपको किताबें पढ़ने के लिए समय मिले, तो आपको इन डिजिटल भटकावों में कटौती करनी होगी। कुछ तरीके हैं, जिनकी मदद से आप अपनी पढ़ने की आदत (रीडिंग हैबिट) को आसान बना सकते हैं।
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किताबों को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं
किताबों को अपने जीवन का हिस्सा बनाइए। इन्हें अपने घर के हर कोने में रखिए। कॉफी टेबल पर, बेड के पास, कार में या फिर टीवी शेल्फ पर। जगह की कमी हो, तो लाइब्रेरी सबसे अच्छा विकल्प है। वहां से किताब ले आइए, पढ़ लीजिए और फिर लौटा दीजिए। इसके अलावा, रात को विस्तर पर पढ़ने की आदत डालें और अगर रोशनी की जरूरत हो, तो लाल रंग की रीडिंग लैंप का इस्तेमाल करें। 'द पावर ऑफ व्हेन' के लेखक माइकल ब्रूस के अनुसार लाल रोशनी नींद को नियंत्रित करने वाले हार्मोन मेलाटोनिन को बढ़ावा देती है और सोने से पहले की पढ़ाई को आरामदायक बनाती है।
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डेवी डेसीमल सिस्टम का इस्तेमाल करें
किताबों का ढेर लगाने की बजाय, उन्हें व्यवस्थित करना सीखिए। अगर आपकी बुकशेल्फ भी एक बेतरतीब ढेर बन चुकी है, तो डेवी डेसिमल सिस्टम अपनाएं। इस प्रणाली में किताबों को विषयों के अनुसार क्रमबद्ध किया जाता है, जैसे- मनोविज्ञान, धर्म, विज्ञान व कला इत्यादि। ऐसा करने के लिए हर किताब के अंदर पेंसिल से उसका विषय या कोड लिख लीजिए, जिससे आपको पता लग सके कि आपकी लाइब्रेरी में किस विषय पर कितनी किताबें हैं।
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पॉडकास्ट और बुकट्यूब की मदद लें
क्या या कौन-सी किताब पढूं?, यह एक उलझाऊ सवाल होता है, जिसका जवाब तलाशना आसान नहीं होता। ऐसे में बुक-पॉडकास्ट और बुकट्यूब चैनल्स (किताबों पर केंद्रित यूट्यूबर्स का एक समूह) आपके लिए सही गाइड बन सकते हैं, जो आपको अच्छी-अच्छी किताबों से रूबरू कराते हैं। हां एक बात और, अगर आप जिंदगी भर किताबें पढ़ने का शौक बनाए रखना चाहते हैं, तो ईबुक्स से पढ़ने के बजाय वास्तविक किताबों से पढ़ें।
बेशक इंटरनेट पर बहुत कुछ उपलब्ध है, लेकिन इन्सान की सलाह का कोई मुकाबला नहीं। इसलिए, अपने आसपास की किताबों की दुकानों पर जाइए, वहां के स्टाफ से बातें कीजिए, उनकी रुचियों को जानिए और उनसे सलाह मांगिए कि आपको कौन-सी किताब पढ़नी चाहिए।