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Delhi: स्कूलों में गूंजा स्वच्छता का संदेश, ग्लोबल हैंडवाशिंग डे पर 15,000 छात्रों ने लिया अभियान में हिस्सा

Thu, 16 Oct 2025 09:21 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Hand Hygiene: ग्लोबल हैंडवाशिंग डे के अवसर पर दिल्ली के 50 स्कूलों के करीब 15,000 छात्रों ने हाथ धोने और स्वच्छता के महत्व को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान में सक्रिय रूप से भाग लिया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
Global Awareness: बुधवार को वैश्विक हाथ धुलाई दिवस के मौके पर दिल्ली-एनसीआर के 50 स्कूलों के करीब 15,000 छात्रों ने एक बड़े स्वच्छता जागरूकता अभियान में हिस्सा लिया।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली बच्चों में हाथ धोने की आदत और व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को बढ़ावा देना था। इस दौरान छात्रों के लिए इंटरएक्टिव गतिविधियां, विशेषज्ञों द्वारा जानकारीपूर्ण सत्र, और लाइव डेमो आयोजित किए गए, जिनसे बच्चों ने सही तरीके से हाथ धोने की प्रक्रिया सीखी और स्वच्छ रहने के लाभों को समझा।

एक बयान में कहा गया है कि यह कार्यक्रम इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन द्वारा फिजिकल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया (PEFI) के सहयोग से "स्वस्थ हाथ, स्वस्थ बचपन" थीम के तहत आयोजित किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर (AI Photo) - फोटो : freepik
मुख्य समारोह सादिक नगर स्थित द इंडियन स्कूल में आयोजित किया गया और यह व्यापक इलनेस टू वेलनेस अभियान का हिस्सा था, जो निवारक स्वास्थ्य सेवा और सामुदायिक जागरूकता पर केंद्रित है।

यह अभियान 50 से ज्यादा निजी, सरकारी और सार्वजनिक स्कूलों में एक साथ चलाया गया, जिनमें दिल्ली पब्लिक स्कूल, ईस्ट ऑफ कैलाश; बिरला विद्या निकेतन, पुष्प विहार; शहीद राजपाल डीएवी पब्लिक स्कूल, दयानंद विहार; और जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल, बहादुरगढ़ शामिल हैं।

इलनेस टू वेलनेस फाउंडेशन की सलाहकार परिषद के अध्यक्ष अनिल राजपूत ने कहा कि स्वस्थ स्वच्छता की आदतें कम उम्र से ही शुरू हो जाती हैं और स्कूल इन आदतों को आकार देने के लिए आदर्श स्थान हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
उन्होंने कहा, "रोगाणु-मुक्त हाथ अनगिनत संक्रमणों को फैलने से रोक सकते हैं और इसके बारे में जागरूकता पैदा करना एक छोटा कदम है जिसका बड़ा प्रभाव पड़ता है।"

द इंडियन स्कूल की प्रधानाचार्या तानिया जोशी ने कहा कि बच्चों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता पैदा करना केवल स्वच्छता के बारे में नहीं है, बल्कि स्वयं और दूसरों के प्रति जिम्मेदारी और देखभाल को बढ़ावा देने के बारे में भी है।

उन्होंने आगे कहा, "इस तरह की पहल छात्रों को यह समझने में मदद करती है कि हाथों को ठीक से धोने जैसी छोटी-छोटी आदतें भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं।"
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik
इस अभियान में स्वच्छता के पाठों को अधिक प्रासंगिक और मनोरंजक बनाने के लिए लाइव प्रदर्शनों और शैक्षिक वीडियो जैसे अनुभवात्मक शिक्षण उपकरणों का उपयोग किया गया। बयान में कहा गया है कि PEFI और फाउंडेशन के स्वयंसेवकों ने छात्र जुड़ाव गतिविधियों का समन्वय किया और कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को स्वच्छता किट प्रदान की गईं।

बयान के अनुसार, पिछले साल शुरू किया गया "इलनेस टू वेलनेस" अभियान अब तक दिल्ली-एनसीआर के 30,000 से अधिक छात्रों तक पहुंच चुका है, जिससे एक स्वस्थ और अधिक जागरूक पीढ़ी के निर्माण के प्रति इसकी प्रतिबद्धता और मजबूत हुई है।
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