मृतक श्रद्धा का फाइल फोटो और आरोपी आफताब
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विकास वाकर ने कहा कि अगर आफताब के परिवार ने समझदारी दिखाई होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि अगर मामले पर बात होती तो बात इस मुकाम तक नहीं पहुंचती, लेकिन कातिल आफताब के माता-पिता तो रिश्ते पर बात करने को भी तैयार नहीं थे। इसलिए आफताब और श्रद्धा मुंबई छोड़कर दिल्ली चले गए। उन्होंने कहा कि इस अपमानजनक अनुभव के छह महीने बाद श्रद्धा की मां की मृत्यु हो गई और उसके बाद श्रद्धा ने कभी परिवार से मिलने की कोशिश नहीं की।