हिमाचल में मानसून कहर बरपा रहा।
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हिमाचल प्रदेश: भूस्खलन और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
कमरऊ क्षेत्र के बागनाधार स्थित खदान में हुए भूस्खलन में दबे तीनों मजदूरों के शव मलबे से बरामद कर लिए गए हैं। आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, प्रदेश में 167 सड़कें, 222 पेयजल योजनाएं और 130 बिजली ट्रांसफार्मर ठप हो गए हैं। कालका-शिमला रेललाइन पर मलबा आने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से चार ट्रेनें रद्द करनी पड़ीं, जबकि सुजानपुर टीहरा में सर्वाधिक 156.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। 30 जून से 19 अगस्त तक इस मानसून सीजन में राज्य में 205 लोगों की मौत हो चुकी है और कुल 11,03,326.75 लाख रुपये का आर्थिक नुकसान आंका गया है।