सरकार और किसान संगठनों के बीच आठवें दौर की बातचीत भी बेनतीजा रही। किसान संगठन तीनों कृषि कानूनों की वापसी की मांग पर अड़े रहे, जबकि सरकार ने इस मांग पर विचार करने से साफ इंकार कर दिया। बातचीत के दौरान कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि अच्छा हो कि अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट निर्णय करे। हालांकि बातचीत में हल न निकलने के बावजूद दोनों पक्ष एक फिर से 15 जनवरी को वार्ता की मेज पर आने पर सहमत हुए। हालांकि इस बैठक के बाद किसानों की एक पर्ची वायरल हुई, जिसमें बड़े-बड़े अक्षरों में 'मरेंगे या जीतेंगे' लिखा है, जानिए क्या है इसके पीछे की वजह....