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किसान आंदोलनः फर्जी खबरों पर राजद्रोह का केस, जांच साइबर क्राइम यूनिट के पास

Fri, 05 Feb 2021 05:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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ट्रैक्टर परेड हिंसा - फोटो : PTI
दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर रैली से पहले फर्जी खबरें फैलाने वाले कुछ सोशल मीडिया अकाउंट व अन्य के खिलाफ राजद्रोह समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किये हैं। 26 जनवरी को या इससे पहले डिजिटल हमले से जुड़े दस्तावेज 'टूलकिट' को लेकर विवाद हुआ था। पर्यावरण कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने भी इसे शेयर किया था। ऐसे में एफआईआर में उनका नाम होने की चर्चा थी लेकिन एफआईआर में किसी को नामजद नहीं किया गया है। 
 
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लाल किले पर ट्रैक्टरों के साथ किसान - फोटो : पीटीआई
एफआईआर टूल किट बनाने के खिलाफ दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त(अपराध) प्रवीर रंजन ने देर शाम सफाई देते हुए कहा कि ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया गया है। उनकी फिलहाल कोई भूमिका सामने नहीं आ रही है। 
 
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delhi police - फोटो : PTI
रंजन ने बताया कि दिल्ली पुलिस दिल्ली में किसानों के आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया प्लेटफार्म का काफी नजदीकी से मॉनिटरिंग कर रही है। दिल्ली पुलिस की 300 से ज्यादा ट्विटर हैंडलर पर नजर है। दिल्ली पुलिस ने टूल किट बनाने वालों के खिलाफ भारत सरकार के विरुद्ध असहमति फैलाने के मामले में देशद्रोह (आईपीसी 124 ए), सामाजिक, सांस्कृतिक, धार्मिक आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच घृणा को बढ़ावा देना (153), आपराधिक साजिश रचने (आईपीसी 153 व 120बी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट को दे दी गई है। 
 

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Tractor Parade on Republic Day - फोटो : PTI
विशेष पुलिस आयुक्त का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने किसानों का इसके बारे में बता दिया था। किसानों को इस आंदोलन को हवा देने के लिए अन्य लोगों के शामिल होने का विभिन्न किसान संगठनों के पास इनपुट था। जांच में पता लगा है कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक निजी हैडल द्वारा टूल किट को अपलोड किया गया था। प्राथमिक जांच में पता चला है कि टूल किट को खालिस्तान समर्थक संगठन पोएटिक जस्टिस फाउंडेशन द्वारा तैयार किया गया था। 
 
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ग्रेटा थनबर्ग - फोटो : पीटीआई
पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के बाद स्वीडन की ग्रेटा थनबर्ग ने एक बार फिर किसानों के समर्थन में ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट में लिखा है कि मैं किसानों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के साथ हूं। कोई भी नफरत, धमकी इसे बदल नहीं सकती।  
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