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- फोटो : amar ujala
फिर भी रह गई कमी
मौसम विभाग (आईएमडी) ने कहा कि जुलाई के पहले सप्ताह में मानसून की जबरदस्त वापसी के बाद, देश के कई हिस्सों में बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाएं हुई। लेकिन दक्षिण-पश्चिम मानसून जुलाई में सात प्रतिशत की कमी के साथ समाप्त हुआ। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने रविवार को बताया, जुलाई में बारिश शून्य से सात प्रतिशत कम थी, जो लंबी अवधि के औसत का लगभग 93 प्रतिशत है। 96-104 की सीमा में बारिश सामान्य मानी जाती है, जबकि 90-96 की सीमा में इसे समान्य से कम माना जाता है।
आईएमडी के अनुसार, जुलाई में तटीय और मध्य महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक में भारी वर्षा हुई। महाराष्ट्र के कई कस्बों और शहरों में बहुत भारी वर्षा हुई, जिसके चलते भूस्खलन की कई घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोगों की जान चली गई और संपत्ति को नुकसान पहुंचा। वहीं जम्मू -कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में भी बादल फटने की घटनाएं हुईं।