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Chhath in Delhi: दिल्ली में श्रद्धालुओं ने धूमधाम से मनाया छठ, यमुना घाटों पर रही गहमा-गहमी

Wed, 10 Nov 2021 10:48 PM IST
अनुराग सक्सेना अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
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पूजा करते श्रद्धालु - फोटो : ANI
दिल्ली में महापर्व छठ बड़े धूम-धाम से मनाया गया। कोरोना महामारी को देखते हुए दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा यमुना नदी के घाटों पर पूजा करने की अनुमति नहीं देने के कारण व्रतियों को थोड़ी परेशानी जरूर हुई लेकिन सभी ने पूरे जोश व समर्पण के भाव से महापर्व छठ मनाया। यमुना नदी के कई घाटों पर तैनात पुलिसकर्मियों ने वहां जाने वाले श्रद्धालुओं को लौटा दिया।
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यमुना में जहरीले झाग को घाट की तरफ आने से रोकने के लिए बेरिकेड लगाते कर्मी - फोटो : ANI
कालिंदीकुंज के पास यमुना नदी में जहरीले झाग के बीच जाकर श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई और सूर्य देव की पूजा की। इस बीच दिल्ली जल बोर्ड ने जहरीले झाग को खत्म करने के लिए पहले पानी का छिड़काव कराया बाद में झाग को घाट तक आने से रोकने के लिए बैरीकेडिंग कर दी। लेकिन लोगों को प्रदूषित पानी के अंदर जाकर पूजा करनी पड़ी।
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यमुना घाट पर पहुंचे भाजपा सांसद प्रवेश साहिब सिंह - फोटो : ANI
घाटों पर अव्यवस्थाओं को लेकर दिल्ली सरकार पर विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद प्रवेश साहिब सिंह और मनोज तिवारी खास तौर पर हमलावर रहे। प्रवेश साहिब सिंह आईटीओ यमुना घाट पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरीकेड को तोड़कर अंदर चले गए और वहां साफ पानी पहुंचाकर पूजा-अर्चना की।

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पूजा करने यमुना घाट पर पहुंचे भाजपा सांसद मनोज तिवारी - फोटो : ANI
इस बीच सांसद मनोज तिवारी भी छठ पूजा करने के लिए सोनिया विहार स्थित यमुना घाट पर पहुंच गए और वहां विधि-विधान से पूजा की। उन्होंने कहा कि हम डीडीएमए का आदेश नहीं मानेंगे। डीडीएमए का काम यमुना की सफाई करना है ना कि लोगों को वहां तक जाने से रोकना।
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दिल्ली में एक घाट पर पूजा करतीं व्रती - फोटो : ANI
राजधानी में यमुना नदी के दोनों ओर किनारे आसपास समेत करीब एक हजार स्थानों पर श्रद्धालु जमा हुए और छठ पूजा की। खरना के बाद व्रतियों ने बुधवार को उपवास रखते हुए शाम को अस्तचलगामी सूर्य को पानी में खड़े होकर प्रणाम किया। तत्पश्चात अर्घ्य के रूप में पूजन सामग्री भावनात्मक रूप से उन्हें समर्पित की। महिलाओं के सिरों पर अर्घ्य के सामान से भरी टोकरियां रखी हुई थी। इस दौरान बच्चों का उत्साह तो स्वयं में देखने योग्य था।
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यमुना घाट पर पूजा करतीं व्रती - फोटो : ANI
लाखों श्रद्धालुओं ने यमुना नदी के किनारे पुराना यमुना पुल, कुदसिया घाट, गीता कालोनी, बस अड्डा, चंदगी राम अखाड़ा, वजीराबाद घाट आदि घाटों के अलावा भलस्वा झील, जहांगीरपुरी, कालिंदी कुंज, नरेला, उत्तम नगर, डाबड़ी, ककरौला, बदरपुर, सरिता विहार, आश्रम, जैतपुर, संगम विहार, देवली, महरौली, पालम, महावीर एंकलेव, इंद्रप्रस्थ एक्सटेंशन, नांगलोई, सुलतानपुरी, मंगोलपुरी, नजफगढ़ आदि इलाकों के साथ-साथ पश्चिम यमुना नदी के किनारे पर छठ पूजा की, वहीं वे सायंकाल सूर्य को अर्घ्य देने के बाद बृहस्पतिवार की सुबह सूर्य को अर्घ्य देने के लिए घाटों पर रूक गए। वह घाटों पर पूरी रात रहेंगे, घाटों पर दीप व बिजली की लड़ियों की रोशनी की गई है।
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घाट पर पूजा करते लोग - फोटो : ANI
कोरोना महामारी के कारण इस बार श्रद्धालु घाटों पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों को आयोजन नहीं कर सके। इसके अलावा वे लाउड स्पीकर के माध्यम से भी छठ मैय्या का गुणगान नहीं कर सके। हालांकि श्रद्धालु नए कपड़े पहनने के साथ-साथ पूरी तरह सजधज कर पूर्जा करने पहुंचे।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी छठ की पूजा में व्रतियों के साथ शामिल हुए - फोटो : ANI
छठ की पूजा में सीएम केजरीवाल भी हुए शामिल
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बुधवार को छठ पर्व में पूजा के व्रतियों के साथ शामिल हुए। मुख्यमंत्री ईस्ट किदवई नगर पहुंचकर छठव्रतियों के साथ सूर्य को अर्ध्य देकर पूजा की और ईश्वर से लोगों के लिए शांति और समृद्धि की कामना की। उनके साथ दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय और विधायक राघव चड्ढा भी शामिल हुए। छठ पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यह विश्व शांति का त्योहार है और सभी पूर्वांचली भाइयों-बहनों को यह अधिकार है कि वे अपना त्योहार पूरे उमंग-उत्साह के साथ मनाएं। लेकिन इसके साथ यह भी ध्यान रखना चाहिए कि कोरोना अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
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