देश के कई बड़े साहित्यकारों ने आज देश में बढ़ रही असहिष्णुता के खिलाफ दिल्ली की सड़कों पर मौन जुलूस निकाला। देशभर से सैकड़ों लेखक मंडी हाउस में श्रीराम सेंटर पर इकट्ठे हुए और वहां से साहित्य अकादमी तक उन्होंने शांतिमार्च निकाला।
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लेखकों ने मुंह पर पट्टी बांध निकाला जुलूस, दो गुट आमने-सामने
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यहां लेखक दो फाड़ में बंटे नजर आए। एक ओर वो लेखक थे जो देश में बढ़ रही असहिष्णुता के खिलाफ थे तो दूसरी तरफ वो थे जो साहित्यकारों के सम्मान लौटाने के विरोध में थे।
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लेखकों ने मुंह पर पट्टी बांध निकाला जुलूस, दो गुट आमने-सामने
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लेखकों का यह प्रदर्शन केंद्र सरकार के रवैये के प्रति विरोध जताने के लिए है जो उसने एमएम कलबुर्गी की हत्या और दादरी कांड में दिखाया। इसके साथ ही लेखक अकादमी का ध्यान भी इस ओर आकृष्ट करना चाहते हैं।
लेखकों ने मुंह पर पट्टी बांध निकाला जुलूस, दो गुट आमने-सामने
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जुलूस निकाल रहे लेखकों की मांग है कि सरकार लेखकों के प्रति बढ़ रही हिंसा को रोकने के लिए ठोस कदम उठाते हुए कानून पारित करे। जिससे हर वर्ग का लेखक कुछ भी लिखते हुए खुद को सुरक्षित महसूस करे।