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जब बर्दाश्त नहीं हुआ नोटबंदी का दर्द तो चारपाई लगा महिलाओं ने किया हाईवे जाम

Tue, 29 Nov 2016 04:38 PM IST
भूपेंद्र कुमार/अमर उजाला, गुड़गांव

सार

गुरुग्राम अलवर मार्ग पर चारपाई डालकर जाम लगाती महिलाओं की फोटो भी है
हेडिंग: जब बर्दाश्त नहीं हुआ तो हाईवे पर दिखा गुस्सा
सबहेड : गुरुग्राम से मेवात और पलवल से फरीदाबाद तक कैश नहीं मिलने से बढ़ रही परेशानी
बड़े नोट बंद होने के लगभग तीन सप्ताह बाद भी नोटों की किल्लत
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- फोटो : लाल सिंह
‘आखिर कोई कितना सब्र रखे। सुबह से लाइन में लगे चार घंटे के बाद बैंकवाले बोल रहे हैं कैश खत्म हो गया घर जाओ। पिछले पांच दिन से यही हो रहा है। हम करें तो क्या करें।’ लगभग साठ साल की परेशान हमीदन जब यह सवाल करती हैं तो जवाब किसी के पास नहीं होता। चाहे वहां मौजूद बैंक कर्मचारी हों या पुलिसकर्मी।
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- फोटो : लाल सिंह
यह सिर्फ गुरुग्राम से सोहना होकर अलवर जाने वाली सड़क पर एक छोटे से गांव रेवासन निवासी हमीदन का सवाल नहीं है। इस सवाल से रू-ब-रू तो हरियाणा के मेट्रोपोलिटन शहर गुरुग्राम से लेकर ठेठ देहाती अंचल वाले मेवात और अनाज मंडी के लिए मशहूर पलवल के साथ-साथ औद्योगिक नगरी फरीदाबाद के निवासी भी हैं। इनके चेहरे पर चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही हैं और कोई रास्ता भी नहीं सूझ रहा है।
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- फोटो : लाल सिंह
सोमवार को रेवासन गांव के सिंडिकेट बैंक पर सुबह दस बजे से दोपहर दो बजे तक इंतजार के बाद भी पैसे नहीं मिले तो लाइन में लगी महिलाएं भड़क गईं। उन्होंने बैंक कर्मियों को खरी खोटी सुनाई और हाईवे पर चारपाई बिछाकर बैठ गईं। महिलाओं ने कहा, ‘हमें सरकार से कोई शिकायत नहीं बस जो हमारे पैसे बैंक में हैं, उसे दिलवा दो, लेकिन यह मांग इतनी आसानी से पूरी होती नहीं दिखती।’

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- फोटो : लाल सिंह
नूंह-पलवल मार्ग पर सालंबा गांव में बैठे किसानों ने कहा कि हमारी तो कोई सुनने वाला नहीं। सरसों और गेहूं में पानी देने के लिए डीजल का इंतजाम नहीं हो पा रहा है। ये हमारा काम का समय था जिसे मजबूरी में बरबाद कर रहे हैं। बैंकों की लाइन में खूब धक्के खाए पर पैसे नहीं मिले।
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- फोटो : लाल सिंह
पलवल के आगरा चौक के पास एक अस्पताल के बाहर मरीज के तीमारदार जितेंद्र ने बताया कि अस्पताल वाले पुराने नोट नहीं ले रहे। मरीज की हालत खराब है, हम क्या करें सूझ नहीं रहा। फरीदाबाद के पास पुरानी कारों का काम करने वाले शाहिद ने बताया कि मेरा तो धंधा ही ठप हो गया। सरकार को जल्दी कुछ करना चाहिए।
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- फोटो : लाल सिंह
देहाती इलाकों का हाल और भी खराब
गुरुग्राम के 70 फीसदी एटीएम बंद हैं तो नूंह और पलवल जैसे देहाती इलाकों में तो हालात और भी खराब हैं, यहां ज्यादातर लोगों के पास डेबिट कार्ड ही नहीं हैं। अगर हैं तो भी 90 फीसदी एटीएम में नकदी नहीं है। बैंकों का भी ऐसा ही हाल है। नूंह में बैंक की कतार में लगे किसान रमजान ने कहा, ‘कई बार आया। बैंक वाले 24 हजार की जगह दो हजार देकर टरका देते हैं। खेत खाली पड़े हैं, डीजल का इंतजाम नहीं हो पा रहा, क्या करूं समझ नहीं आ रहा।’ गुरुग्राम के सेक्टर-23 के बाजार में सुबह 11 बजे तक रौनक नहीं दिखी।
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- फोटो : लाल सिंह
सेल नहीं हो रही है। लोग नकदी को बचाकर रख रहे हैं। सिर्फ जरूरी खर्च कर रहे हैं, बाजार का बहुत बुरा हाल है। कपड़ों की दुकान में मौजूद रवि ने बताया कि इक्का दुक्का लोग आते हैं। - विजय प्रकाश, ज्वैलर 
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