ये दयावती हैं और फरीदाबाद के पलवली, ईदगाह और बादशाहपुर गांव के लिए सरपंच के लिए चुनाव लड़ रहीं हैं। अपना प्रचार ये साइकिल पर ही करती हैँ और इसमें उनकी सहेली भावना उनका साथ देती हैं। (सभी फोटो : गौरव चौधरी/अमर उजाला ब्यूरो, फरीदाबाद)
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लाज का घूंघट ओढ़ 'दयावती' यूं दे रहीं प्रतिद्वंदियों को चुनौती
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फरीदाबाद में एक गांव में चौकड़ी जमाए बैठीं महिलाओं की टोली चुनावी चौपाल सजाए बैठी थी। चुनावी मुद्दों के साथ इस चौपाल पर भजन-कीर्तन और गीत-संगीत का भी इंतजाम दिखा।
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यहां महिलाओं का कहना था कि आमतौर पर गांव में लोग सात बजे सो जाते हैं लेकिन चुनावी माहौल कोई न बिगाड़े इसको ध्यान में रख रातभर जागकर गांव में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा रही है।
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गांव में चुनाव प्रचार का दूसरा पहलू भी बताया गया। ग्रामीणों के मुताबिक कई जगह शराब बांटी जा रही है, बशर्ते इसके लिए वोटर को उम्मीदवार के समर्थन में वोट देने का वादा करना होता है।
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एक तरफ शराब और खाने का लालच देकर वोटरों को रिझाने की कोशिश हो रही है तो दूसरी तरफ महिला वोटरों को लुभाने के लिए कई गांवों में साड़ियां और पाजेब तक बांटने की बात सामने आ रही है। इसको लेकर गांवों में चर्चाओं का बाजार गर्म दिखा।
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दिन से ज्यादा रात में चुनावी माहौल गरम था। मतदान नजदीक आते देख उम्मीदवारों के समर्थक पूरी मेहनत के साथ माहौल बनाने में जुटे थे। बड़े तो बड़े बच्चे भी इस काम में जुटे दिखे।